अनुशासन जीवन का महत्वपूर्ण अंग : डॉ राजेश मासतकर

 

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले के नैनपुर शासकीय स्नातक महाविद्यालय नैनपुर की एनएसएस इकाई द्वारा ग्राम जेवनारा में सात दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया है। जिसमें शिविर के तृतीय दिवस रैली निकालकर स्वच्छता,व्यक्तिगत स्वास्थ्य,मतदाता जागरूकता,रक्तदान एवं नशा मुक्त भारत की कल्पना हेतु रैली के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया इसके पश्चात आसपास जल स्रोतों की साफ सफाई की गई। लोगों से निवेदन किया गया कि आप अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें और जल को व्यर्थ ना बहाएं और सभी अन्य सभी ग्रामवासियों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके पश्चात बौद्धिक परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में नैनपुर महाविद्यालय में बॉटनी विषय के प्राध्यापक कैप्टन डॉ राजेश मासतकर उपस्थित हुए जो कि विगत 15 वर्षों से सैकड़ो एनएसएस वॉलिंटियर्स को अनुशासन के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान कर रहे है साथ ही जीवन में बौद्धिकता का कितना महत्व है इसके बारे में अपने अनुभव एवं विचारों को छात्र-छात्राओं तक‌ पहुंचाया उन्होंने बताया कि जीवन में अनुशासन का महत्व इसलिए है क्योंकि यह सफलता, स्वास्थ्य और सुव्यवस्थित जीवन की नींव है। अनुशासित रहने से समय का सही उपयोग, लक्ष्य प्राप्ति, व्यक्तित्व का विकास, आत्मविश्वास में वृद्धि और तनावमुक्त जीवन जीने में मदद मिलती है। यह हमें सही समय पर सही कार्य करने और संयमित रहने के लिए प्रेरित करता है, जिससे अव्यवस्था और असफलता दूर रहती है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती सुमन मासतकर उपस्थित हुई उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया कि हम किस प्रकार स्वच्छ और स्वस्थ रह सकते हैं पश्चात महाविद्यालय जन भागीदारी समिति अध्यक्ष दामोदर झारिया ने एनएसएस वालंटियर को बताया कि किस प्रकार हमें भाईचारे मानवता के साथ समाज के कल्याण में अपनी सहभागिता दर्ज करनी चाहिए कार्यक्रम में मंच का संचालन छात्रा निधि उईके द्वारा किया गया..

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