मां शीतला दरबार अजनियां बना आस्था का केन्द्र ग्रामीणों का लगा तता
दैनिक रेवांचल टाइम्स अजनिया मंडला चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर नगर स्थित शीतला माता मंदिर इन दिनों आस्था का केंद्र बना है। यहां सुबह और शाम को माता की आरती में बड़ी संख्या में श्रृद्धालु पहुंच रहे हैं। आरती के समय मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग रही हैं और पूरा नगर भक्ति के माहौल में डूबा नजर आ रहा है। नवरात्र के पहले दिन विधि-विधान के साथ 59 खप्पर और 14 कलश की स्थापना की गई है। इसके साथ ही नौ दिनों तक शीतला माता का श्रृंगार करके माता को अनेक रूपों में देखा जाता है साथ ही नौ दिन तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों
की शुरुआत हो गई। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और यहां प्रतिदिन मंडला से आये कलाकारों के द्वारा पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार रोगों को हरने वाली माता का दरबार शीतला माता मंदिर क्षेत्र में
आस्था का प्राचीन केंद्र माना जाता है। वर्षों से यहां दूर-दराज के गांवों और अन्य जिलों से भी श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। स्थानीय मान्यता है कि माता शीतला रोगों को हरने वाली देवी हैं। चेचक, खुजली जैसे त्वचा रोगों से राहत की कामना लेकर लोग यहां जल अर्पित करते
हैं और माता से प्रार्थना करते हैं। क्षेत्र में यह परंपरा भी है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले लोग शीतला माता के दरबार में पहुंचकर माथा टेकते हैं और आशीर्वाद लेकर ही अपने कार्य की शुरुआत करते हैं। यही कारण है कि नवरात्र के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। नवरात्र के दिनों में मंदिर में सुबह और शाम विशेष आरती की जा रही है। ढोल मंजीरा और हारमोनियम की मधुर धुनों के बीच जब आरती होती है तो पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रृद्धालु आरती में शामिल होकर माता का आशीर्वाद ले रहे हैं।