जगन्नाथ रथ यात्रा में भक्ति और उत्साह का संगम उमड़ा आस्था का सैलाब राधे कृष्णा और जय जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंजा शहर

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रेवांचल टाईम्स – मंडला, अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ इस्कॉन द्वारा मंडला में भगवान जगनाथ स्वामी की भव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में धर्मप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया हरे कृष्णा राधे कृष्णा के भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ से अपने दुखों को हरने की मनोकामना मांगी रथयात्रा को मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, एसडीएम सोनल सिडाम, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, वरिष्ठ भाजपा नेता विनय मिश्रा, सांसद प्रतिनिधि जयदत्त झा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक पंकज तिवारी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भगवान जगन्नाथ स्वामी का पूजन कर और श्रीफल अर्पित करते हुए रवाना किया। रथयात्रा के आरंभ से पूर्व राम मंदिर पड़ाव में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलदेव और बहन सुभद्रा की विधि-विधान से स्थापना की गई। इस अवसर पर महाआरती की गई और भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए, जिन्हें मातृशक्तियों द्वारा विभिन्न प्रकार के पकवानों और मिष्ठानों से तैयार किया गया था। भक्तों ने इस भव्य आयोजन के लिए इस्कॉन का आभार व्यक्त किया। इस्कॉन उज्जैन की प्रेरणा से पूरे मध्यप्रदेश में 34 स्थानों पर हो रही रथयात्रा की श्रृंखला में मंगलवार को यह रथयात्रा मंडला पहुंची। इस का नेतृत्व इस्कॉन उज्जैन के अध्यक्ष और दीक्षा गुरु परम पूज्य भक्ति प्रेम स्वामी महाराज ने किया
मंगलवार दोपहर 2 बजे राम मंदिर पड़ाव से आरंभ हुई यह दो किलोमीटर लंबी रथयात्रा चिलमन चौक, बड़ चौराहा, रेडक्रॉस, बैगा-बैगी चौक और नेहरू स्मारक होते हुए महिष्मति घाट पहुंची। यहां भगवान जगन्नाथ स्वामी की महाआरती की गई और भक्तों के दर्शन के लिए रथ को विश्राम दिया गया। मां नर्मदा की पंचचौकी महाआरती भी की गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। रथयात्रा के समापन पर भव्य भंडारे और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया।भगवान जगन्नाथ की शोभायात्रा में विशेष आकर्षण के रूप में आदिवासी सांस्कृतिक दल भी शामिल रहा, जिसने आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक दिखाई। बच्चों ने शानदार प्रस्तुतियां दी, वहीं स्काउट गाइड और एनसीसी के बच्चों ने भी सहभागिता दर्ज कराई। यातायात व्यवस्था को लेकर इनर वॉइस को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिन्होंने सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की। रथयात्रा में भक्तों की टोली ने पूरे मार्ग में हरिनाम संकीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा।

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