दैनिक रेवांचल टाइम्स मंडला/ जिले के अधिवक्ताओं द्वारा आज कलेक्टर के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपकर देश में प्रस्तावित जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जातिगत गणना शामिल किए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने उल्लेख किया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021 में प्रस्तावित 10 वर्षीय जनगणना को अब वर्ष 2026 में कराए जाने के लिए अधिसूचना जारी की गई है। पूर्व में सरकार द्वारा जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जातिगत आधार पर जनगणना कराने का आश्वासन दिया गया था, किंतु वर्तमान में जारी जनगणना प्रपत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि जनगणना प्रपत्र के कॉलम क्रमांक 13 एवं 14 में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) तथा अन्य वर्गों की जानकारी मांगी गई है, लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के संबंध में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है। इससे यह आशंका उत्पन्न हो रही है कि ओबीसी वर्ग की जातिगत जनगणना नहीं कराई जाएगी।
ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने मांग की है कि जनगणना प्रपत्र में संशोधन करते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग का भी स्पष्ट उल्लेख किया जाए तथा ओबीसी की जातिगत जनगणना सुनिश्चित की जाए।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
*ज्ञापन के माध्यम से सरकार का ध्यानाकर्षण*
इस ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार का ध्यान ओबीसी वर्ग की जनगणना की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है।