पेसा मोबेलाइजर कर्मचारियों ने महामहिम राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन,

मानदेय बढ़ाने व नियमितीकरण की मांग

 

रेवांचल टाइम्स मंडला मध्यप्रदेश के पेसा क्षेत्र में कार्यरत पंचायत पेसा मोबेलाइजर कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने बताया कि वे लंबे समय से पंचायत स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त मानदेय मिल रहा है और न ही समय पर भुगतान हो रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पेसा मोबेलाइजर पंचायत स्तर पर केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाते हैं। वे ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की जानकारी पहुंचाने, हितग्राहियों का चयन कराने, तथा योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में सक्रिय योगदान देते हैं। इसके साथ ही वे ग्रामों को सशक्त बनाने और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच सेतु का कार्य भी करते हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि इतने महत्वपूर्ण कार्य करने के बावजूद उनका मासिक मानदेय मात्र 4000 रुपये निर्धारित है, जो वर्तमान समय में बेहद कम है। स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब यह अल्प मानदेय भी समय पर नहीं मिल पाता। कर्मचारियों के अनुसार, पिछले सात महीनों से उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिसके कारण उनके सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में दो बार मानदेय बढ़ाने की घोषणा की जा चुकी है, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई ठोस आदेश जारी नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि केवल घोषणाएं करने से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि वास्तविक आदेश जारी कर उसे लागू करना आवश्यक है।
पेसा मोबेलाइजर कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि कम मानदेय और भुगतान में देरी के कारण उन्हें आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों के लिए अपने परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि समय पर फीस जमा नहीं हो पा रही है और अन्य आवश्यक खर्च पूरे करना भी चुनौती बन गया है।
ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने मांग की है कि उनके मानदेय को न्यूनतम कुशल श्रमिक के बराबर किया जाए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि उनके पद को अस्थायी से स्थायी किया जाए। वर्तमान में उनकी नियुक्ति अस्थायी है, जिसकी अवधि 31 मार्च 2026 तक निर्धारित है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें स्थायित्व नहीं मिलना उनके भविष्य को असुरक्षित बनाता है।
कर्मचारियों ने महामहिम राज्यपाल से आग्रह किया है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान किया जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है, तो इससे न केवल उनके जीवन में सुधार होगा, बल्कि वे और अधिक समर्पण के साथ अपने कार्यों का निर्वहन कर सकेंगे।
अंत में कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि शासन-प्रशासन उनकी स्थिति को समझेगा और जल्द ही उनके मानदेय, नियमितीकरण एवं बकाया भुगतान से संबंधित समस्याओं का समाधान करेगा, ताकि वे आर्थिक और मानसिक रूप से सशक्त होकर ग्रामीण विकास में अपनी भूमिका बेहतर तरीके से निभा सके।

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