छिंदवाड़ा में ‘बच्चा गैंग’ का क्रेज, छात्रों ने बताया क्यों खास है ये फिल्म
“रील नहीं, रियल लाइफ में माता-पिता ही असली हीरो” विद्यार्थियों की राय
🎬 सिल्वर स्क्रीन पर छाया ‘बच्चा गैंग’ का जादू
💖 मां-बाप ही असली सुपरहीरो… डिजिटल दुनिया छोड़ मिट्टी से जुड़ने का संदेश
📍 रेवांचल टाइम्स | छिंदवाड़ा | जितेन्द्र अलबेला
छिंदवाड़ा। शहर के खेल प्रमोटर इंद्रजीत सिंह बैस और वंशमणि शर्मा के निर्माण में बनी फिल्म ‘बच्चा गैंग’ इन दिनों जिले भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के बच्चों के लिए यह फिल्म एक नई प्रेरणा बनकर उभरी है।
💖 दिल को छू गई ‘पारिवारिक’ कहानी
लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर बच्चों के लिए आई इस फिल्म को शानदार प्रतिसाद मिल रहा है। फिल्म देखकर निकले विद्यार्थियों ने एक स्वर में कहा कि यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि दिल को छू लेने वाली एक पारिवारिक कहानी है।
🦸 सुपरहीरो की नई परिभाषा
फिल्म ने बच्चों की सोच को एक नई दिशा दी। छात्राओं ने कहा कि हम अक्सर फिल्मों में सुपरहीरो खोजते हैं, लेकिन असल जिंदगी के सुपरहीरो हमारे माता-पिता हैं।

- ✨ कोई स्पेशल पावर नहीं
- 💖 लेकिन हर समस्या का हल
- 👨👩👧 हर मुश्किल में साथ
फिल्म ने बच्चों को समय रहते अपने माता-पिता की अहमियत समझने का संदेश दिया।
🌱 मिट्टी से जुड़ाव और दोस्ती की मिसाल
आज की डिजिटल दुनिया में यह फिल्म बच्चों को मोबाइल और गैजेट्स से दूर रहने और मिट्टी से जुड़ने का संदेश देती है।
✨ ‘बच्चा गैंग’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सीख है—जो बच्चों को परिवार, दोस्ती और असली जीवन मूल्यों की ओर वापस ले जाती है।