निजी विद्यालयों की मनमानी: कलेक्टर के आदेश के बावजूद एक ही दुकानदार से ड्रेस खरीदने का दबाव

महू, नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से हो चुकी है, लेकिन इसके साथ ही निजी विद्यालयों की मनमानी एक बार फिर सामने आ रही है। जिला कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किया गया था कि विद्यार्थियों के अभिभावक स्कूल ड्रेस और किताबें अपनी सुविधा अनुसार किसी भी दुकानदार से खरीद सकते हैं, इसके बावजूद कई निजी विद्यालय इस आदेश की अनदेखी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, महू के अनेक निजी विद्यालयों ने ड्रेस के लिए केवल एक ही दुकानदार को अधिकृत कर रखा है। अभिभावकों को उसी निर्धारित दुकान से ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जबकि अन्य दुकानों पर वही ड्रेस उपलब्ध नहीं कराई जाती। इससे न केवल दुकानदार की मनमानी बढ़ रही है, बल्कि विद्यालय संचालकों और दुकानदारों के बीच संभावित कमीशनखोरी की आशंका भी गहराती जा रही है।
विशेषज्ञों और अभिभावकों का मानना है कि यदि विद्यालय 2-3 दुकानदारों को अधिकृत करें तो प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी और अभिभावकों को उचित मूल्य पर सामग्री मिल सकेगी। लेकिन एक ही दुकानदार तय करना सीधे तौर पर आर्थिक शोषण को बढ़ावा देता है।
इधर, जिला प्रशासन द्वारा इन समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 0731-2431117 जारी किया गया है, लेकिन शिकायत प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। शिकायत दर्ज कराने पर अभिभावकों से उनका नाम, पता और विद्यालय की जानकारी मांगी जा रही है, जिससे लोग शिकायत करने से हिचकिचा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि उनकी पहचान उजागर होती है, तो उनके बच्चों को पूरे वर्ष विद्यालय में परेशान किया जा सकता है।

हर वर्ष नियम और निर्देश तो जारी किए जाते हैं, लेकिन उनके पालन में कमी के चलते अभिभावकों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन न केवल नियम बनाए, बल्कि जमीनी स्तर पर उनकी प्रभावी निगरानी और कार्रवाई भी सुनिश्चित करे।

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