विद्यार्थी परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर संगोष्ठी वा विद्यार्थी के रक्तगट परीक्षण का हुआ आयोजन,किया पौधारोपण

रेवाँचल टाईम्स – मंडला, भारत के भविष्य को गढ़ने में विद्यार्थी परिषद का 77 वर्षों में रहा महत्पूर्ण योगदान- संजय कुशराम
विश्व का सबसे बड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 77 वां स्थापना दिवस मना रहे हैं। इतने लंबे समय तक अपने ध्येय पथ पर बने रहना और देश हित में कार्य करते रहने का अनुपम उदाहरण एबीवीपी ने प्रस्तुत किया है। एक छात्र संगठन की कल्पना जब लोगों के मन में आती है, तो एक छात्र संगठन से अपेक्षा केवल विद्यालय महाविद्यालय परिसर व अन्य शिक्षा से जुड़े विषयों को लेकर होती है, एबीवीपी ने एक छात्र संगठन होते हुए भी शिक्षा क्षेत्र के साथ समाज और देश हित में कई विषयों पर कार्य किया है। और नए आयाम स्थापित किए हैं।विद्यार्थी परिषद ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर शासकीय आईटीआई मंडला में संगोष्टी का आयोजन किया इसके साथ ही विद्यार्थियों के रक्तगट का परीक्षण किया वा सभी को रक्तदान के लिए जागरूक किया।कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम ने कहा कि कि देश का सर्वांगीण विकास करने के लिए युवा शक्ति को स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करते हुए आगे आना होगा। स्वामी विवेकानंद के विचारों को युवाओं तक पहुंचाकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राष्ट्रीय पुनर्निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। विद्यार्थी परिषद छात्र शक्ति को राष्ट्र शक्ति के रूप में विकसित करता है। युवाओं के हृदय में राष्ट्रवाद का भाव जागृत करता है।कार्यक्रम के अंत में पधारोपण किया गया, इस दौरान महाविद्यालय प्राचार्य आरएस वरकड़े, नगर विस्तार विशाल ओबेराय ,प्रांत कार्यसमिति सदस्य वागीश पटेल,प्रांत कार्यकारणी सदस्य व नगर मंत्री प्रिंस सिंह,जिला खेलो भारत प्रमुख शिवांग मार्को,आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।