नगरपालिका क्षेत्र में अवैध दुकानों के निर्माण और जम रहे ठेले नगर पालिका प्रशासन मौन

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रेवांचल टाइम्स – मंडला, नगर पालिका की कार्यवाही में लोगो को सन्देह हो रहा हैं क्योंकि दिन व दिन सड़को के किनारे पहले ठेला या टपरा बना कर रख दिया जाता है और फिर धीरे धीरे दिन महीना के बाद उसी जगह में पक्का निर्माण हो जाता है नगर पालिका में बैठें जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला केवल नोटिश देकर अपने खजाना के साथ साथ अपनी ऊपरी कमाई में भी ध्यान दे रहै है नगर पालिका क्षेत्र आज अनाथों की तरह हो गया है जिसको जहा लगे वहां दुकान लगा रहा है वाहन खड़े कर रहे है बिना अनुमति या फिर टेविल के नीचे से अनुमति प्राप्त कर धड़ा धड़ सड़को के किनारे कब्जा किया जा रहा और नगर पालिका आमला चेन की बंशी बजा कर सो रहा है आज हर चौराहे हो सड़क अबैध कब्जा धारियों से सुरक्षित नजर नही आ रहे लोगो का आवागमन दूभर हो चुका है।
इन दिनों नगर पालिका क्षेत्र में सड़क किनारे खाली पड़ी भूमि में अवैध कब्जाकर अतिक्रमण किया जा रहा है, वहीं वर्षों पहले बनाये गये काम्प्लेक्स में उनका स्वरूप बदला जा रहा है। जिसकी शिकायतें नगर पालिका प्रशासन के पास पहुंच रही है, लेकिन कार्यवाही शून्य है। नगर पालिका की चुप्पी ने अतिक्रमण और अवैध कब्जा कर निर्माण करने वालों के हौसलों को बढ़ा दिया है, वहीं ज्ञान दीप स्कूल के सामने वाली सड़क पर रातों रात लगभग 8 से 10 दुकानों के ठेले जम गये, वहीं अवैध कब्जे पर पक्का निर्माण भी हो रहा है। इसी तरह बस स्टेंड के पास स्थित नगर पालिका के द्वारा वर्षों पहले दुकानों का निर्माण कर दुकानदारों को सौंपा गया था जहां बने सुलभ शौचालय को भी उन दुकानदारों ने उसे तोड़कर अपना निर्माण कर लिया, वहीं कुछ दुकानदारों ने अवैध रूप से नाले के ऊपर अपने शौचालय बना लिये। जबकि इस संबंध में नगर पालिका से कोई अनुमति नहीं ली गई।
नगर मुख्यालय में नगरपालिका क्षेत्र में चारों ओर अवैध कब्जा करने की मुहिम चल रही है, पहले अपनी अस्थाई दुकान बना ली जाती फिर धीरे-धीरे उसमे पक्का निर्माण कर लिया जाता, शिकायत होने पर नगरपालिका द्वारा शिकायत कर्ता को कार्यवाही करने का अश्वासन देकर अपनी कार्यवाही के नाम पर कब्जे धारी को नोटिस आदि देकर मामले को दबा दिया जाता हैलेकिन जमीनीस्तर पर कब्जा अलग नही किया जाता, इसकों देखकर दूसरे लोग भी अपने मन चाहे जगहों में कब्जा करते देखा जा रहा है। वर्तमान में विधानसभा चुनाव के चलते जिले में आदर्श आचार संहिता लगी हुई है, वहीं 144 धारा भी लागू है। फिर भी अवैध कामों को अंजाम दिया जा रहा है। जबकि प्रशासन इसी समय का इंतजार करता है ताकि कोई राजनैतिक नेताओं का दबाव न हो और अवैधानिक कामों पर अंकुश लगाने के साथ अवैध कब्जा और अतिक्रमण पर कार्यवाही करने की स्वतंत्रता रहती है, लेकिन मण्डला नगर पालिका क्षेत्र में तो सिर्फ औपचारिक कार्यवाहियों का दौर चल रहा है।
शहर के हृदय स्थल में ज्ञान दीप स्कूल के सामने वाली सड़क जो बस स्टैंड जाती वहां अभी कुछ ही हप्ते पहले सड़क के किनारे 8-10 दूकाने अवैध रूप से बना ली गयी हैं, जिससे अब सड़क में राहगीरों को खतरा हो सकता है, क्योंकि एक तरफ सड़क के किनारे दूकानों का अवैध निर्माण हो गया वहीं दूसरी ओर बसों की पार्किंग हो रही है, जिससे पैदल चलने वाले राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। इन्हीं अवैध कब्जों को देखते हुए, धड़ल्ले से अनेकों कब्जा नगर में हो रहे हैं। ऐसा लगता है इन कब्जेधारियों को नगरपालिका एवं परिषद की मौन सहमति मिल चुकी है। ठीक इसी प्रकार रेडक्रॉस में चाय दुकान के सामने रातोरात अवैध निर्माण कर टीन शेड रख दिया गया। जब नगर पालिका एवं परिषद अपने सामने ही देख रेख नही कर पा रही तो पूरे शहर का भगवान ही मालिक है।
कमीशन लेकर नगर पालिका दे रही मौन स्वीकृति
बस स्टैंड के पास सत्यम होटल के नीचे नगर पालिका की दुकान है जिसमें से कुछ दुकानदरों ने दुकान के पीछे बने नाले के ऊपर शौचालय का निर्माण किया है। आखिर किसकी अनुमति से दुकानदारों ने अपनी दुकान के पीछे शौचालय का निर्माण कर लिया। इस सवाल का जवाब जब कुछ दुकानदारों से लिया गया तो उन्होंने कहा कि नगर पालिका ने हमें अनुमति दी है। जब इस संबंध में उनसे कहा कि नगर पालिका द्वारा दी गई अनुमति के दस्तावेज दिखाये जायें तो उनके पास कोई भी कागज नहीं है। अब सवाल ये उठता है कि नगर के हृदय स्थल में नगर पालिका की दुकानें स्थित हैं जो दुकानदारों को निर्माण कराकर सौंपा गया था उनका स्वरूप कैसे बदल दिया गया? जबकि दुकानदारों को दुकान सौंपने से पहले नियम शर्तें होती है उनका पालन नगर पालिका द्वारा क्यों नहीं कराया गया? वहीं जब नियम शर्तें बनाई तो दुकानदारों ने इनका उल्लंघन किया है तो उनके विरूद्ध ठोस कार्यवाही होनी चाहिए।
वही नगर पालिका मंडला में बैठे जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रशानिक अमला केवल नोटिस देकर अपनी खाना पूर्ति कर लेता है, और कार्यवाही के नाम पर केवल दिखावे के लिए चोटी मोती कार्यवाही कर अपना पलड़ा झाड़ लेता है आज जगह जगह अबैध कब्जा शासकीय भूमि और नियम तहत दुकानों को तोड़ तोड़ कर दुकानदार के द्वारा कार्य किया जा रहा हैं अगर नगर पालिका के द्वारा सख्ती से कार्यावाही की जाती तो अबैध कारोबारीयो में भय होता यहाँ नगर पालिका का अमला आज कार्यवाही करता है और दूसरे तीसरे दिन उसी स्थान पर पुनः फिर कब्जा हो जाता हैं।

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