निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने स्मार्ट मीटर बने स्मार्ट लूट का जरिया..

उपभोक्ताओं की स्वेच्छा को दरकिनार कर जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर..

मनमाने बिल और कंपनियों की मिलीभगत के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने शव यात्रा निकालकर किया प्रदर्शन

रेवांचल टाइम्स मंडला स्मार्ट मीटरों के कारण बिजली बिलों में असामान्य वृद्धि और उपभोक्ताओं पर जबरन मीटर लगाने और अत्यधिक बिजली बिल के कारण ये स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को करंट मार रहे है मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विघुत वितरण कंपनी द्वारा घरों में लगाये गए स्मार्ट मीटर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों का बजट बिगाड़ रहा है ऐसा प्रतीत होता है कि बिजली कंपनी उपभोक्ताओं से अधिक वसूली के लिये ही स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे है
लोगों में स्मार्ट मीटर को लेकर आक्रोश बढ़ रहा है बिल अधिक आने के कारण यदि बिल समय पर जमा नही किया जाता तो कंट्रोलिंग सिस्टम से उपभोक्ताओं की बिजली बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट दी जाती है जिसे कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर इसे आम जनता के लिए आर्थिक अन्याय करार देते हुए मध्य प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

एड राकेश तिवारी ने कहा,
“सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ता की स्वेच्छा पर निर्भर है, लेकिन इसके बावजूद बिजली कंपनियां दबाव बनाकर और जबरन स्मार्ट मीटर लगा रही हैं। पहले जहाँ बिल ₹300 से ₹600 के बीच आते थे, अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद लोग ₹6,000 से ₹20,000 तक के बिल देखकर परेशान हैं। यह ‘स्मार्ट लूट’ का जरिया बन गया है।”

एड राकेश तिवारी ने प्रमुख समाचार चैनलों द्वारा इस मुद्दे पर की गई रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा
स्मार्ट मीटर में ‘ब्लास्ट’ या आग लगने की घटनाएँ
भारत के कई शहरों से स्मार्ट मीटरों में आग लगने या उनके फटने की खबरें सामने आई हैं। ये घटनाएँ उपभोक्ताओं के बीच डर और चिंता का कारण बन गई हैं, खासकर जब उनके बिलों में भी भारी वृद्धि हो रही हो।

हाल की कुछ घटनाएँ:

भोपाल, मध्य प्रदेश: हाल ही में, भोपाल के कोलार क्षेत्र में एक नए लगे स्मार्ट मीटर में ब्लास्ट होने की घटना सामने आई है। इस घटना से स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई।

जबलपुर: जबलपुर के एक सुपर मार्केट की इमारत में लगे कई स्मार्ट मीटरों में अचानक आग लग गई और वे पटाखों की तरह जलने लगे। लोगों का कहना था कि कुछ दिन पहले ही पुराने मीटरों की जगह नए स्मार्ट मीटर लगाए गए थे।

चैन सिंह बरकड़े ने सरकार और बिजली वितरण कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा

“स्मार्ट मीटर का उद्देश्य उपभोक्ता सुविधा और पारदर्शिता था, लेकिन सरकार की नाकामी और बिजली कंपनियों की मनमानी ने इसे जनता के लिए बोझ बना दिया है। मध्य प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनियों के नाम और उनकी कार्यप्रणाली को सार्वजनिक करना जरूरी है ताकि जनता को सच पता चले।

” मध्य प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने वाली प्रमुख कंपनियां

मध्य प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का काम मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (DISCOMs) के तहत हो रहा है। ये डिस्कॉम्स निम्नलिखित निजी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं:

अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस (AESL):
डिजाइन-बिल्ड-फाइनेंस-ओन-ऑपरेट-ट्रांसफर (DBFOOT) मॉडल पर स्मार्ट मीटर स्थापना और रखरखाव।

सिक्योर मीटर्स लिमिटेड: भारत में स्मार्ट मीटर निर्माण और आपूर्ति में अग्रणी।
जेनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड: स्मार्ट मीटर निर्माण और स्थापना में प्रमुख भूमिका।

साइकननोड (CyanConnode): लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के साथ मिलकर पश्चिम क्षेत्र में IoT-आधारित स्मार्ट मीटर नेटवर्क स्थापित कर रही है।

इसके अतिरिक्त, विदेशी कंपनियां जैसे EDF India (फ्रांस) और Actis (यूके) भी भारत में स्मार्ट मीटर इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही हैं। कुछ तकनीकी घटक जर्मनी, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन से आयात किए जा रहे हैं।

एड राकेश तिवारी ने की मांगें:

स्मार्ट मीटर स्थापना में उपभोक्ता की सहमति को अनिवार्य किया जाए और जबरन स्थापना पर तत्काल रोक लगाई जाए।

तत्काल जांच : स्मार्ट मीटरों की रीडिंग, तकनीकी खामियों और बिलिंग प्रक्रिया की स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय जांच हो।

विवादित बिल रद्द : असामान्य रूप से बढ़े बिलों को तत्काल रद्द कर वास्तविक खपत के आधार पर नए बिल जारी किए जाएं।

उपभोक्ता राहत : जांच पूरी होने तक उपभोक्ताओं पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न हो।

पारदर्शिता : स्मार्ट मीटर लगाने में शामिल सभी कंपनियों के नाम, उनकी कार्यप्रणाली और ठेके सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कराए जाएं।

एड रजनीश रंजन उसराठे ने चेतावनी दी,
“यदि सरकार ने जल्द ही इस मुद्दे का समाधान नहीं किया और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनियों की जवाबदेही तय नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी और इस अन्याय के खिलाफ कांग्रेस कमेटी आगामी दिनों में शहर के अन्य क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर क्रमबद्ध आंदोलन करेगी।”
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी राजेंद्र राजपूत, सुभाष नामदेव, जयेंद्र चौधरी, अमित शुक्ला दीपेश बाजपेई,अंकुश झारिया, सोनू भल्लावी,अभिनव चौरसिया,शाहनवाज खान,मुख्तियार खान, आज़िम खान,अरुण कांड्रा,रोशन अली,सोमवती धुर्वे, रेशमा अल्वी,आशु जैन,इंद्रजीत भंडारी,अनिल दुबे,आशा मर्सकोले,कामिनी चौधरी,सुलक्षणा मर्सकोले,पूजा शिवांशी,मीडिया विभाग से विवेक दुबे आदि कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

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