चकरार नदी का बढ़ा जलस्तर, बाढ़ ग्रस्त पुलिया पर पार करते दिखे लोग घटना को दे रहे आमंत्रण

रेवांचल टाईम्स – बजाग सावन महीने में रुक रुक कर लगातार हो रही बारिश से नदी नालों के जलस्तर में इजाफा हुआ है जलस्तर में वृद्धि होते ही नदियों में उफान आने की संभावना भी दिन प्रतिदिन बनी रही है इस वर्ष की बारिश से नदियों का जलस्तर कई बार खतरे के निशान से ऊपर तक पहुंच चुका है। बीते सप्ताह चकरार नदी के बड़े पुल के डूब जाने से शहडोल पंडरिया मार्ग घंटों बाधित रहा है मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्र में जुलाई के महीने में बार बार बाढ़ के हालात निर्मित हुए है जिसके चलते पुल पुलिया के जलमग्न हो जाने से तीन से चार दफा क्षेत्र में आवागमन बाधित हुआ है नगर में शुक्रवार के दरमियानी रात रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा । वही सुबह होते होते तेज और मूसलाधार बारिश होने लगी ।ऊपरी इलाकों में भारी होने के कारण नदी नालों उफान पर आ गए। चकरार नदी का जलस्तर बढ़ जाने से सुबह आठ बजे बिजोरा मार्ग की पुलिया जलमग्न हो गई। और इस मार्ग पर आवागमन ठप्प हो गया। ग्रामीण क्षेत्र से भी मुख्यालय का संपर्क टूट गया।घुटई ,खपरीपानी, खमेरा की तरफ जाने वाला मार्ग पूर्णतः बंद हो जाने से लोग परेशान होते रहे।पुलिया के ऊपर बाढ़ का पानी आ जाने से इस मार्ग पर बसे गांवों के स्कूली बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच सके। वही आठ बजे से बंद मार्ग दोपहर लगभग एक बजे चालू हो सका। और पांच घंटे का जाम लगा रहा। इस दौरान लोग जल्दबाजी में जान की बाजी लगा बाढ़ ग्रस्त पुलिया को पार करते दिखे। पुलिया पर नगर पुलिस के सैनिक की तैनाती के बाद लोग जबरन बाढ़ के पानी को चुनौती देते हुए पार करने की जद्दोजहद में लगे रहे। पुलिस के मना करने के बाद भी दोपहिया वाहन चालक सहित पैदल मुसाफिर जलमग्न पुलिया को पार करने का साहस करते दिखे ।फिर दोपहर को बादलों ने बरसना बंद किया । और नदी का जलस्तर धीरे धीरे घटने के साथ ही पुलिया का पानी भी उतर गया। और आवागमन बहाल हो सका।