भ्रष्ट तंत्र के शिकंजे में लोकतंत्र…?
गंदगी, बीमारी,बेरोजगारी, निरक्षरता, धांधली से कब मिलेगी आजादी
रेवाँचल टाईम्स – मंडला भारत को आजादी तो मिली लेकिन आजादी के कई साल बीत जाने के बाद भी गंदगी, बीमारी ,धांधली, बेरोजगारी, निरक्षरता से आजादी नहीं मिल पाई है ।आज भी इन समस्याओं से भारत देश के नागरिकों को जूझना पड़ रहा है। नागरिक सवाल कर रहे हैं कि आखिरकार इन समस्याओं से मुक्ति कब मिलेगी.? इन समस्याओं के निराकरण के लिए परिणामकारी प्रयास आखिरकार कब किए जाएंगे? यह समस्या संपूर्ण देश में है लेकिन सबसे ज्यादा समस्या मध्य प्रदेश के मंडला जिले में मौजूद है। यहां पर उक्त समस्याओं के निराकरण के लिए कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन मनमानी, लापरवाही और धांधली के साथ किया जा रहा है जिसकी वजह से जनकल्याण इस जिले में सही तरीके से नहीं हो पा रहा है शिक्षा ,स्वास्थ्य की स्थिति अत्यंत खराब है। रोजगार का अभाव इस जिले में हमेशा बना हुआ है। गंदगी का साम्राज्य स्थापित हो गया है। सड़क यातायात की स्थिति भी अच्छी नहीं है ।सरकारी नागरिक सेवाओं के हाल बुरे हैं। शासन प्रशासन की कार्यशैली यहां पर संतोषजनक नहीं है। ऐसी स्थिति में आजादी का पर्व कैसे मनाया जाए यह चर्चा का विषय बना हुआ है। साक्षरता की योजनाएं कागज में क्रियान्वित हो रही है उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम सिर्फ कागज में संचालित किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में निरक्षरता कैसे दूर होगी यह जांच का विषय हो गया है। साक्षर भारत मिशन के शिक्षा प्रेरकों को साक्षरता की योजनाओं में काम नहीं दिया जा रहा है ।यह काफी लंबे समय से बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं ।इन्हें स्थाई रोजगार नहीं दिया जा रहा है। इसी तरह अतिथि शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है इन्हें भी नियमित करने की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मंडला जिले में उद्यानकी, वानिकी की योजनाएं हकीकत के धरातल में क्रियान्वित नहीं हो रही है। कृषि योजनाओं का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र ज्यादा काम की साबित नहीं हो पा रहे हैं। आयुर्वेदिक अस्पतालों को उपयोगी नहीं बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री पोषण आहार कार्यक्रम में लापरवाही की जा रही है। समूह को कम पैसा दिया जा रहा है और पैसा समय पर नहीं दिया जा रहा है। जिसकी वजह से स्कूलों में मध्यान भोजन का कार्यक्रम प्रभावित हो रहा है। सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई कार्यक्रम में भारी गोलमाल किया जा रहा है। जन समस्याओं के निराकरण के सभी अभियान और कार्यक्रम मंडला जिले में दफन किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर लोकतंत्र भ्रष्ट तंत्र के शिकंजे में है ।
वही नागरिक सवाल रहे हैं कि आखिरकार यह सब कुछ कब तक चलता रहेगा? नागरिकों की अपेक्षाएं हैं कि उक्त सभी समस्याओं का निराकरण शीघ्र किया जाए।