वन्य प्राणियों के अंगों की तस्करी करते आरोपी गिरफ्तार

कान्हा टाइगर रिजर्व की बड़ी कार्रवाई
रेवाँचल टाईम्स – मंडला जिले के विश्व प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क के टाइगर रिजर्व प्रबंधन की त्वरित कार्रवाई में वन्यप्राणियों के अंगों की तस्करी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुखबिर की सूचना पर परिक्षेत्र अधिकारी समनापुर द्वारा गठित टीम ने मलांजखण्ड वार्ड क्रमांक 15, कंचन नगर में घेराबंदी कर धीरसिंह उईके (साकिन पटपरा) को पकड़ा। तलाशी में उसकी जेब से एक पॉलिथीन में तीन नग वन्यप्राणियों के नाखून बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने ये नाखून चैतराम पन्द्रे (साकिन खटिया) से खरीदे थे। चैतराम पन्द्रे से पूछताछ में खुलासा हुआ कि करीब एक वर्ष पूर्व उसने चीतल के शिकार के लिए करंट बिछाया था, जिसमें एक तेंदुआ फंस गया और उसकी मौत हो गई। आरोपी की निशानदेही पर किसली परिक्षेत्र के वनकक्ष क्रमांक 692 में खुदाई की गई, जहां से तेंदुए की हड्डियां और अवशेष बरामद हुए। जांच में पाया गया कि तेंदुए के कुछ अंग गायब थे। कार्रवाई के दौरान एन.टी.सी.ए. (नई दिल्ली) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप घटना स्थल को सुरक्षित कर डॉग स्क्वाड की सहायता से छानबीन की गई। पश्चात् शव परीक्षण विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल और डॉ. आशीष वैध (बैहर) तथा नामांकित वन्यप्राणी विशेषज्ञ चन्द्रेश खरे की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान क्षेत्र संचालक रवीन्द्र मणि त्रिपाठी एवं उप संचालक अमिता के.बी. भी मौजूद रहीं। पूरी कार्यवाही की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराई गई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय बैहर के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। प्रकरण में आगे की जांच जारी है।