कान्हा टायगर रिजर्व में हाथी रिजुविनेशन केम्प का आयोजन
रेवाँचल टाईम्स- मंडला, जिले में स्थित कान्हा नेशनल पार्क में विगत अनेक वर्षों से कान्हा टायगर रिजर्व में विभागीय हाथियों का प्रबंधन किया जा रहा है। इनमें से कुछ हाथियों को देश के विभिन्न हाथी मेलों से क्रय किया गया था तथा कुछ हाथियों की पैदाइश कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में ही हुई है। प्रारंभ से ही इन हाथियों का कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में प्रमुख उपयोग वनों एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा हेतु गश्ती कार्य में किया जाता रहा है, किन्तु कालान्तर में इनका उपयोग पर्यटन प्रबंधन में भी किया जाने लगा।
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के हाथियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उनके सामान्य रख-रखाव के लिए प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी दिनांक 31-08-2025 से 06-09-2025 तक रिजुविनेशन केम्प का आयोजन मुक्की परिक्षेत्र के अंतर्गत औरई मैदान में किया जा रहा है।
इस रिजुवेनेशन कैम्प का उद्घाटन आज दिनांक 31-08-2025 को कान्हा टायगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक श्री रवीन्द्र मणि त्रिपाठी, भा.व.से., द्वारा पारंपरिक विधि से हाथियों का सम्मान करते हुये किया गया।
हाथी रिजुविनेशन केम्प के दौरान 17 विभागीय हाथियों के स्वास्थ्य की विशेष देख-रेख की जावेगी। इस दौरान सभी महावत एवं चाराकटर विभागीय हाथियों को पूर्ण आराम के अतिरिक्त उनकी विशेष सेवा में रहेगें तथा हाथियों को अतिरिक्त खुराक/ विटामिन्स/ मिनरल/ फल-फूल आदि परोसे जावेंगे। इस अवसर पर हाथियों की सेवा में लगे समस्त महावतों एवं चाराकटरों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जावेगा।
इस अवधि में प्रतिदिन प्रातः चाराकटर द्वारा हाथियों को जंगल से लाकर नहलाकर रिजुविनेशन केम्प में लाया जाता है एवं केम्प में हाथियों के पैर में नीम तेल तथा सिर में अरण्डी तेल की मालिश की जाती है। इसके पश्चात केला, मक्का, आम, अनानास, नारियल आदि खिलाकर जंगल में छोड़ा जाता है। दोपहर में हाथियों को जंगल से पुनः वापस लाकर एवं नहलाकर केम्प मे लाया जाता है। इसके पश्चात् केम्प मे रोटी, गुड, नारियल, पपीता खिलाकर उन्हें पुनः जंगल मे छोड़ा जाता है।
रिजुविनेशन केम्प के दौरान हाथियों के रक्त के नमूने जांच हेतु लिए जाते हैं। हाथियों के नाखूनों की डेªसिंग, दवा द्वारा पेट के कृमियों की सफाई तथा हाथी दांत की आवश्यकतानुसार कटाई की जाती है।
ऐसे केम्प के आयोजन से एक ओर जहां हाथियों में नई ऊर्जा का संचार होता है एवं मानसिक आराम मिलता है, वहीं इन सामाजिक प्राणियों को एक साथ समय बिताने का अनोखा अवसर प्राप्त होता है।