ग्रामीणों का आरोप CHO नहीं रुक रहे सेंटर पर, मोहगांव से कर रहे अप–डाउन
रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था ठप्प हो चुकी जिसका फायदा झोलाछाप ड्राक्टर उठा रहे है और सरकारी तंत्र चैन की नीद सोता नजर आ रहा इन्हें पता है कि काम करे या न करे महीना में उनको तनख्वाह तो मिलनी है और अगर शिकायत होती है तो ले दे कर सब ठीक हो जाता है इसलिए विकास खंडों और ग्रमीण अँचलों में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी अपने मुख्यालय में न रहते हुए अप डाउन करते नजर आ रहे है और इसकी जानकारी कार्यालय के प्रमुख अधिकारियों को होती है पर कार्यवाही के नाम शून्य है इसलिए कर्मचारियों के हौसले बुलंद है और वह अप डाउन कर रहे है अप डाउन के चलते न समय पहुँच रहे है और न ही समय तक अपने कार्यालय रहते हैं। केवल अपनी उपस्थिति देने आते है और फिर वापस चले जाते है।
वही जानकारी के अनुसार दिन व दिन जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठ रहे, कि गांव में रहने की व्यवस्था होने के बावजूद सेंटर से नदारद अधिकारी ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतरती जा रही हैं। क्षेत्र के कई कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) अपने निर्धारित हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर नियमित रूप से नहीं बैठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक ये अधिकारी मोहगांव से रोजाना अप–डाउन कर रहे हैं, जबकि सेंटर पर उनके रहने की व्यवस्था पहले से की गई है।
ग्रामीण बोले – यहां रहना चाहिए CHO को
ग्रामीणों का कहना है कि अगर सरकार ने सेंटर पर ही रहने की सुविधा उपलब्ध कराई है तो अधिकारियों को वहीं रहना चाहिए।गांव के एक बुजुर्ग बोले – “यदि रहने का प्रबंध यहीं है तो इन्हें मोहगांव से अप–डाउन करने की बजाय सेंटर पर ही रहना चाहिए, ताकि हमें इलाज और दवा समय पर मिल सके।”एक महिला ने कहा – “बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक छोटी–मोटी बीमारियों में भी घंटों इंतजार करना पड़ता है। अधिकारी सेंटर पर ही नहीं मिलते।”
प्रशासन से कार्रवाई की मांग पर कार्यवाही करेगा कौन
वही स्थानीय सहित आसपास के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि CHO की सेंटर पर उपस्थिति अनिवार्य कराई जाए और अप–डाउन की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए।