जनसुनवाई बनी औपचारिकता – समस्याएँ जस की तस, आवेदकों में बढ़ी नाराज़गी
बार-बार आवेदन के बाद भी नहीं हो रहा निराकरण, शासन-प्रशासन पर गंभीर सवाल
रेवांचल टाईम्स – मंडला मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिए शुरू की गई जनसुनवाई अब मंडला जिले में महज़ औपचारिकता बनकर रह गई है। हर मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीण और शहरी नागरिक अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में आवेदन का या तो निराकरण नहीं होता या केवल कागज़ों पर खानापूर्ति कर दी जाती है। नतीजतन, लोगों में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गहरी नाराज़गी है।
लोगों का कहना है कि बार-बार आवेदन देने के बाद भी समाधान नहीं होने से यह कार्यक्रम विफल साबित हो रहा है। शिकायतों के निपटारे की कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं है और नागरिकों को यह भी जानकारी नहीं मिल पाती कि उनके आवेदन पर क्या कार्रवाई की गई।
जनसुनवाई में उमड़ा आवेदनों का सैलाब – गाँव-गाँव की समस्याएँ पहुँचीं कलेक्टर तक
गरीब महिला की पुकार से लेकर अतिक्रमण तक, कई गंभीर मुद्दे उठे
इस बार की जनसुनवाई में आवेदकों ने दर्जनों गंभीर मुद्दे उठाए –
दिव्यांग बेटी को नहीं मिल रही पेंशन – ग्राम कुडादेवरी की शांति बाई ने बताया कि उनकी बेटी कुष्ठ रोग से पीड़ित और 60% दिव्यांग है, फिर भी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा।
ऑनलाइन खसरे से नाम गायब – ग्राम बोकर के पवन कुमार मरावी ने निजी पट्टायुक्त भूमि का नाम रिकॉर्ड से गायब होने पर गुहार लगाई।
कोटवार की माँग – ग्राम डीलगरा के कोटवार दलीराम धुर्वे ने अनुपजाऊ सेवा भूमि लौटाकर मानदेय बढ़ाने की अपील की।
पट्टा चुहों से नष्ट – कोपरिया की शकुंतला पन्द्रो ने नया पट्टा जारी करने की माँग रखी।
गाँव में सड़क की दरकार – खोड़ाखुदरा पंचायत के ग्रामीणों ने महली गाँव में 3.5 किमी सड़क निर्माण की माँग की।
आंगनबाड़ी नियुक्ति विवाद – बोतल-बहरा की नीरसिया मरावी ने अन्यायपूर्ण निरस्तीकरण पर पुनः नियुक्ति की माँग की।
किसान को बिजली कनेक्शन से इंकार – पौड़ी माल के राममिलन सैयाम ने सरपंच पर पक्षपात का आरोप लगाया।
रसोईया की नौकरी छीनी – कृष्ण कुमार यादव ने बीमार बच्चों की जिम्मेदारी का हवाला देते हुए सेवा बहाली की माँग की।
सचिव न होने से पंचायत कार्य ठप – सुभरिया के ग्रामीणों ने नए सचिव की नियुक्ति की मांग की।
शौचालय से बदबू की समस्या – बम्हनी बंजर की महिला ने स्वास्थ्य संकट की शिकायत दर्ज कराई।
अवैध अतिक्रमण का मामला – पटेहरा के ग्रामीणों ने मुक्तिधाम पर कब्ज़े और झूठी शिकायतों का आरोप लगाया।
सड़क निर्माण में गड़बड़ी – खुर्सीपार के ग्रामीणों ने गलत दिशा में सड़क बनाने पर कार्य रोकने की माँग की।
स्कूल में शिक्षक की कमी – खुकसर के प्राथमिक विद्यालय में मात्र एक शिक्षक होने से बच्चों की पढ़ाई पर संकट बताया गया।
जनता की अपेक्षा – सिर्फ़ सुनवाई नहीं, ठोस समाधान चाहिए
जनसुनवाई में उमड़ रही भीड़ इस बात का प्रमाण है कि लोगों की समस्याएँ गहरी और जटिल हैं। लेकिन जब इनका समाधान नहीं होता तो कार्यक्रम की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग जाता है। ग्रामीणों और शहरी नागरिकों की एक ही माँग है – “सिर्फ़ सुनवाई नहीं, ठोस कार्यवाही हो।”