शरदोत्सव पर नर्मदा तट में बिखरेगा भारतीय शास्त्रीय गायन और नृत्य का जादू
शरद पूर्णिमा पर माहिष्मती घाट पर होगा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन

रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले में भुवनेश कोमकली का शास्त्रीय गायन और डॉ. मृणाल तिवारी, शीतल घुगे व चेतना विश्वकर्मा देंगी कथक की प्रस्तुति
मंडला – जिला प्रशासन एवं नमामि देवी नर्मदे ट्रस्ट महिष्मति घाट मण्डला तथा रज़ा फाउंडेशन द्वारा शरद पूर्णिमा के अवसर पर सांस्कृतिक संध्या “शरदोत्सव” का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर नर्मदा तट पर स्थित माहिष्मती घाट में 6 अक्टूबर दिन सोमवार की शाम 7 बजे भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य का अनोखा समागम सुनंने व देखने को मिलेगा। इसमें भारतीय शास्नीय संगीत में गायक पंडित कुमार गंधर्व के पोते भुवनेश कोमकली अपनी प्रस्तुति देंगे। इस युवा गायक ने स्वरों के विभिन्न तलो पर बनते सुमधुर अनुनाद व संगीत के शास्नीय पहलुओं पर अपनी पकड़ बनाई है। शरदोत्सव पर भारतीय शास्त्रीय गायन के साथ – साथ भारतीय शास्त्रीय नृत्य भी शरद पूर्णिमा को यादगार बना देगा। इसमें तीन कथक नृत्यांगना एक साथ अपनी प्रस्तुति देंगी। डॉ. मृणाल तिवारी, शीतल घुगे व चेतना विश्वकर्मा कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी। डॉ. मृणाल तिवारी स्थापित कलाकार होने के साथ डेंटिस्ट भी है। इन्होने कथक में UGC NET भी क्वालिफ़ाइड किया है। इन्होने विभिन्न बड़े कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति दी है। इनका साथ ही शीतल घुगे व चेतना विश्वकर्मा भी कथक में निपुड़ होने के चलते दूरदर्शन ग्रेडिंग प्राप्त कलाकार है। दोनों ने विभिन्न बड़े मंचों पर अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी है। यह आयोजन मंडला के भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य के शौकीनों को लम्बे समय तक याद रहेगा। जिला प्रशासन एवं नमामि देवी नर्मदे ट्रस्ट महिष्मति घाट मण्डला तथा रज़ा फाउंडेशन ने कला प्रेमियों से अपील की है कि वे अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाए।
भुवनेश कोमकली –
भारतीय शास्नीय संगीत में गायन की उत्कृष् परसम्परा वाली पृष्भूमि मैं जन्में भुवनेश कोमकली अपने भीतर विरासत की सम्पन्नता एं सहज सम्भावनाओं से भरे युवा गायक है। स्वरों के विभिन्न तलो पर बनते सुमधुर अनुनाद व संगीत के शास्नीय पहलुओं के चितन, विश्लेषण वाले वातावरण ने उनके कलाकार व्यक्तित्व को विकसित होने, निखरने के लिये उर्जा दी। अपनी स्वस्फूर्त प्रतिभा व जिज्ञासाओ ने उन्हे अपने ‘दादा पंडित कुमार गंधर्व एबं पिता मक्ल शिवप्त्र की सांगीतिक विरासत को आत्मसात करने का व्यापक फलक दिया। आपकी ख्याल गायकी की शिक्षा श्रीमती वस्धरा कोमकली एव श्री. मध्प म्दगल जैसे गुरुओं के पास हई जो आज भी जारी है I निरतर स्वाध्याय और गायकी के अभ्यास से आप की आवाज श्रोताओं के हृदय को स्पंदित करती है।पंडित कमार गंधर्व के विचारों और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों का निरंतर अभ्यास करते हुए भुवनेश अपनी गायकी के द्वारा अपनी अभ्यासक प्रवत्ति का प्रमाण देते है। समस्त भारतीय गायन शैलियों घरानो, लोक विधाओ और समकालिन संगीत के मूल तत्वों को समझते हूए संगीत को ऐसी सम्भव समग्रता तक लानेका प्रयत्न करते है , जो श्रोताओं को एक स्वच्छ आयाम में आनद विभोर कर देता है। वाणिज्य स्नातक होने के साथ साथ आपने कम्प्यूटर का भी डिल्पोमा किया है। कुमार गंधर्व प्रतिष्ठान, देवास के आप सक्रिय सचिव है और क्मारजी की गायकी को आधनिक डिजिटल टेक्नॉलॉजी के माध्यम से संरक्षित करने के कार्य को आप ने गंभीरता पूर्वक किया है। हिन्दी फिचर फिल्म देवी अहिल्या के साथ साथ आपने कथक नृत्य के लिये भी संगीत रचना की है। देश के लगभग सभी शहरों मे प्रतिषटित संगीत समारोह आपने अपनी सफल प्रस्तुतियां दी है जो गुणी श्रोताओं और विद्वानों के द्वारा सराही गई है आप संस्कृति विभाग भारत सरकार द्वारा छात्रवृत्त प्रस्कार से सम्मानित है।
डॉ. मृणाल तिवारी –
डॉ. मृणाल तिवारी पिछले सात वर्षों से गुरु अल्पना बाजपेयी के सान्निध्य में मार्गी कथक संस्थान में निरंतर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं तथा वर्तमान में अपनी गुरु के साथ संस्था के कार्यों में सहयोगी के रूप में कार्यरत हैं। आप कथक में UGC NET क्वालिफ़ाइड होने के साथ-साथ पेशे से डेंटिस्ट भी हैं। आपने पहल श्रद्धांजलि समारोह (BMHRC), गुरु पूर्णिमा उत्सव, मैनिट भोपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, प्रोत्साहन मंच (इस्पिक मैके) जैसे विभिन्न कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुतियाँ दी हैं।
शीतल घुगे –
शीतल घुगे विगत 10 वर्षो से गुरु अल्पना वाजपेयी और गुरु सृष्टि गुप्ता के सानिध्य में कथक नृत्य का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित अल्लाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के चक्रधर नृत्य केंद्र में छात्रवृत्ति की छात्रा है। आपने चक्रधर नृत्य समारोह, नर्मदा महोत्सव, संस्कृति प्रकृति, नमन एवं 8वे राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव आदि में युगल एवं समूह नृत्य प्रस्तुति दी है। आपको दूरदर्शन भोपाल से B grade कलाकार की उपाधि प्राप्त है।
चेतना विश्वकर्मा –
चेतना विश्वकर्मा विगत 8 वर्षों से गुरु अल्पना वाजपेयी के सानिध्य में मार्गी कथक संस्थान में नृत्य का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं एवं वर्तमान में आप अपनी गुरु के साथ संस्था के कार्यों में सहयोगी के रूप में कार्यरत हैं।आपको दूरदर्शन भोपाल से B ग्रेड कलाकार का प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। आपने पहल, श्रद्धांजली समारोह, खजुराहो कथक कुम्भ, गुरुपूर्णिमा उत्सव एवं मैनिट भोपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आदि में समूह नृत्य प्रस्तुति दी है।