बिछिया जनपद की ग्राम पंचायतों में भी चल रहे है अजब गजब खेल पत्नी सरपंच पति बन गए ठेकेदार
ग्राम पंचायत मानिकपुर में लग रहे धुंधले बिल सरपंच-सचिव ने कर दिए लाखो का भुगतान


रेवांचल टाइम्स – मंडला, आदिवासी बहुल्य जिले में भी जिम्मेदारो की अनदेखी भी गजब और अजब है चल रही है, जहाँ पर सरपंच सचिव उपयंत्री की तिकड़ी का खेल तो अधिकांश पंचायतों में देखा गया पर एक नया मामंला सामने आया जहाँ पर जनपद बिछिया की ग्राम पंचायत मानिकपुर में पत्नी सरपंच और पति और उसका दोस्त दोनों पंचायत में खुल कर ठेकेदार बन बैठे हैं, और इस पंचायत में एक कहावत सच होती नजर आ रही है कि जब सैय्या बने कोतवाल तो डर काहे का बस इसी तर्ज में ग्राम पंचायत मानिकपुर जो बैगा आदिवासी जाती के लोग निवासरत है और इस ग्राम पंचायत कितना विकास हुआ है ये तो मौके पर देखने पर समझ आएगा जहाँ आज भी बस्ती के अंदर सड़क तक नही बन पाई है और आवागमन के लिए एक पुलिया का निर्माण होना था पुलिया का कार्य शुरू तो कर दिया गया पाईप भी गिर गए गड्डा भी खोद दिया गया और राशि ग़ायब हो गई पुलिया आज भी जस की तश पड़ी हुई है। वही दूसरी तरफ सरपंच और पति महेश और उसका दोस्त दुर्जन ये तीनो की तिलाड़ी से विकास कार्य रुका हुआ कार्य जो हो भी रहे है वह गुणवत्ता विहीन दिखाई पड़ रहे है और इस ग्राम पंचायत में सचिव रोजगार सहायक और उपयंत्री की कार्य प्रणाली भी संदेह के घेरे में नजर आ रही है जहाँ पर ग्राम पंचायत में फर्जीबाडा जोरो पर है वही दूसरी तरफ सरपंच पति के दोस्त दुर्जन यादव और अंजनिया के मटेरियल बिल पंचायत दर्पण में दिखाई तो पड़ रहे है पर वह स्प्ष्ट नजर नही आ रहे कि वह किस कार्य के कितनी राशि के है और कब के बिल तो लगे हुए और उन बिलो के अधार पर राशि का आहरण कर लिया गया इसे क्या कहेगे क्या इन सब की जानकारी लगते ही जनपद पंचायत और जिला पंचायत में बेठे बरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी मामंले को संज्ञान में लेकर जाँच करेगे या फिर इन्हें अभयदान दिया जायेगा और ये तिकड़ी सरकारी धन और ग़रीब लोगो को मिलने वाली मुलभूत सुविधाएं पर लूट कर अपना घर भरेंगे।
वही नियम अनुसार ग्राम पंचायत स्वयं एक निर्माण एजेंसी है पर ये निर्माण एजेंसी स्वंय कार्य न करते हुए भाई भतीजा वाद से कार्य किये जा रहे है और मानिकपुर में महिला सरपंच प्रत्याशी को जीतकर सरपंच चुना गया है पर पति की भूमिका भी अजब गजब है जहाँ पर पंचायत में सरपंच महिला है पर पंचायत के हर कार्य सरपंच के पति महेश सरपंच है और सरपंच पति के मार्ग दर्शन पर सभी कार्य किये जा रहे है वही तय करते है कि पंचायत में कौन सा कार्य कौन करेगा पंचायत के अधिकांश विकास कार्य मे उनके दोस्त को दिये जाते है और जो कुछ कार्य बच जाते है या फिर राजनीति दबाव के चलते थोडा बहुत कार्य अंजनिया के ठेकेदार को दिये जा रहे हैं।
ग्राम पंचायत मानिकपुर जहाँ पंचायत द्वारा जारी किए जा रहे बिलों में पारदर्शिता की भारी कमी देखी जा रही है। पंचायत के विकास कार्यों में उपयोग होने वाले बिल न तो स्पष्ट हैं और न ही उनमें सामग्री या मजदूरी की पूरी जानकारी दी जा रही है। इन धुंधले और अपारदर्शी बिलों पर भुगतान किया जा रहा है।
सरपंच और सचिव की मिलीभगत से फर्जी या अधूरे बिल तैयार कर विकास कार्यों में खर्च दर्शाया जा रहा है। ग्राम पंचायत के तहत कई निर्माण कार्य जैसे नाली निर्माण, पुलिया व सी सी सड़क व अन्य निर्माण कार्यों में जो बिलो का भुगतान पिछले कुछ महीनों में दर्शाए गए हैं, जो ज़मीनी स्तर पर या तो वे काम अधूरे है जिनमें न तो तारीख स्पष्ट है और न ही सप्लायर या वेंडर की पूरी जानकारी नही है, धुंधले बिल पंचायत दर्पण में प्रदर्शित हो रहे है, जिन्हें पढ़ पाना मुश्किल है। इससे साफ है कि कहीं न कहीं इन बिलों के जरिए गड़बड़ियों और अपने किये गए कारनामों को छुपाने की कोशिश की जा रही है बल्कि विकास कार्यों में अनियमितता, सामग्री की गुणवत्ता में कमी, और मजदूरों के भुगतान में भी भ्रष्टाचार हो रहा है।
वही सूत्रों से जानकारी अनुसार बिना काम किए ही सरपंच सचिव रोजगार सहायक अपने अपने करीबियों के नाम मस्टर रोल में हाजरी भरी गई है और भुगतान किया गया ।
धुंधले बिलो का लेखा जोखा इस प्रकार योजना सांसद निधि स्वीकृत 27/1/0225 पांच लाख सी सी सड़क निर्माण श्याम लाल मरावी के घर के आगे मानिकपुर माल विक्रेता राममिलन झरिया 12/4/2025
बिना दिनांक बिना शील बिना हस्ताक्षर के 3390 रू का भुगतान किया गया एम एस एन एस इंटरप्राइजेज दिनांक28/3/2025 को धुंधले बिल जिसका 59400 भुगतान किया गया ।सी सी सड़क निर्माण योजना पांचवा राज्य वित्त आयोग गुनेगॉव लागत 461000 लाख स्वीकृति 6/2/2025 अर्जुन के घर से सुरेश के घर तक सड़क निर्माण किया गया है जिसमे में.साई ट्रेडर्स ग्राम गुनेगॉव दुर्जन यादव के नाम पर धुंधले बिल लगाये गए है पंचायत में सबसे ज्यादा धुंधले बिल साई ट्रेडर्स के नाम पर है ! 9/3/2025 76840रु 10/3/2025 – 58373 रु 10/3/25 42240 रू 28/12/25
76900 रु 26/6/24 88500 रु 26/6/24 37600 रू 13/12/ 24 24000रु 13/12/24 30500रु का दुर्जन लाल यादव के द्वारा धुंधले बिल दर्शाकर भुगतान किया गया है पंचायत में स्मार्ट कंप्यूटर एंड इलेक्ट्रॉनिक पेंटर कमलेश भाँवरें व और भी अन्य ट्रेडर्स के धुंधले बिल लगाकर भुगतान किया गया है इस तरह ग्राम पंचायत मानिकपुर में बिलो का खेल कर शासन के पैसे की होली खेली गई है लाखों रुपये की राशि हड़प ली गई है।इस तरह के फर्जी बिल घोटाले की जिला स्तर पर पंचायत की ऑडिट कराई जाए तो लाखों रुपये की वित्तीय अनिमित्ताये सामने आ सकती है यह जनता का पैसा है इसे इस तरह लूटा नही जा सकता।यदि समय रहते पंचायत की जांच नही जाती तो सरकारी योजनाओं का लाभ जनता को नही मिल पायेगा। ग्राम पंचायत मानिकपुर की समस्त योजनाओं और खर्चों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। इसके साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जा जाए। या फिर जाँच के नाम पर केवल खानापूर्ति कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर छोड़ दिया जाऐगा यह देखना बाकी हैं।