ई-अटेंडेंस के विरोध में “मण्डला चलो.. मण्डला चलो..मण्डला चलो”

280

 

रेवांचल टाईम्स – मंडला, ई-अटेंडेंस के विरोध में कल 14 अक्टूबर को शाम 5 बजे म. प्र. के समस्त जिलों में संयुक्त आह्वान पर जिला स्तरीय ज्ञापन कार्यक्रम तय किया गया हैं

वही जिला अध्यक्ष ने अपने साथियों से ई-अटेंडेंस के विरोध की रणनीति बनाने के लिए विगत 11 व 12 अक्टूबर को लगातार दो दिन तक हमारे अनेक शिक्षक संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों की ऑनलाइन बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रांताध्यक्ष सम्लित हुए जिसमें परमानन्द डेहरिया मनोहर दुबे डी.के.सिंगौर नवनीत चतुर्वेदी संतोष सिंह दीक्षित समस्त शिक्षक संगठनों के प्रांतीय व जिलाध्यक्ष व पदाधिकारी साथी भी सम्लित हुए और सभी के द्वारा संयुक्त रूप से निर्णय लिया गया है कि मध्यप्रदेश के सभी जिलों में ई- अटेंडेंस के विरोध में कल 14 अक्टूबर को जिला स्तर पर समस्त संगठनों के साथ समन्वय बनाकर संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा जायेगा। इसलिए TWTA व समस्त शिक्षक संगठनों के साथियों से व अन्य विभाग के कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष, पदाधिकारी व समस्त साथियों से अपील है कि कल जिला मुख्यालय मण्डला पहुँच कर ज्ञापन कार्यक्रम को पूर्णतः सफल बनायें और हम शिक्षकों के खिलाफ इस अमानवीय आदेश ई-अटेंडेंस का संयुक्त रूप से विरोध को सफल बनायें।

ई-अटेंडेंस की जीत तभी संभव है,जब प्रत्येक साथी न लगायें।

वही 14 अक्टूबर 2025 दिन मंगलवार समय- शाम 5:00 pm जिला मुख्यालयों मध्यप्रदेश को सभी संगठनों के पदाधिकारी व अध्यक्ष संगठन से ऊपर उठकर ज्ञापन कार्यक्रम में सम्मिलित होकर समर्थन, सहयोग, सहभागिता सुनिश्चित करें।
समस्त सम्माननीय साथियों से विनम्र निवेदन है, उपरोक्त कार्यक्रम को सफल बनायें।
वही ई-अटेंडेंस का विरोध क्यों- यह अव्यवहारिक है, अमानवीय है, उन शिक्षक साथियों के बारे में सोचो जो दूरस्थ दुर्गम स्थलों में बहुत कठिन संघर्ष के साथ विद्यालय पहुँचते हैं जहाँ सही सड़क नहीं है नदियों में पुल नहीं हैं,जहाँ सही नेटवर्क नहीं है, जिन्हें आये दिन मीटिंग व स्कूल के अन्य कार्यों से जनशिक्षा केंद्र, संकुल, BEO, AC, DEO, DPC, DSM कार्यालय, डाइट, कोषालय, निर्वाचन कार्यालय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, अस्पताल व ऐंसे न जाने कितनों जगह में जाना होता है। जब ई अटेंडेंस लागू होगी तो पहले इन स्थितियों को 10.30 बजे स्कूल पहुँचकर ई अटेंडेंस लगाना होगा फिर उक्त जगहों पर जाकर कार्य करना होगा फिर शाम को 4.30 बजे भागे भागे स्कूल पहुँचकर फिर ई अटेंडेंस लगाना होगा इस कारण बहुत से शिक्षक साथी इन भागमभाग में ऐक्सिडेंट के भी शिकार होंगे। फिर इस तरह से भागदौड़ में हमें ज्यादा पेट्रोल में पैसा खर्च करना होगा, आर्थिक रूप से ज्यादा पैसा हमारे जेब से जायेगा। हम अपना मोबाइल घर में भूल भी सकते हैं, मोबाईल की बैटरी खत्म भी हो सकती है, मोबाईल खराब भी हो सकता है, मोबाईल कहीं खो भी सकता है, मोबाईल बैंक व अन्य कार्य से घर के अन्य सदस्यों के पास छोड़कर भी आना पड़ सकता है, मोबाईल लोकेशन स्कूल 10 किलोमीटर दूर भी बता सकता है, ई अटेंडेंस लगाने के लिए किसी भवन या दे। पेड़ पर चढ़ना भी होगा फिर गिर भी सकते हैं चोटिल हो कर अस्पताल में भर्ती भी हो सकते हैं, हर कोई शिक्षक ऐंड्रॉयड मोबाइल नहीं रखता, किसी के मोबाईल में कुछ ऐप सही चलते भी नहीं हैं, मोबाईल हेंग भी हो सकता है, मोबाईल का डाटा चोरी भी हो सकता है, मोबाईल अचानक गिरने से स्क्रीन खराब भी हो सकता है, फिर शासन हमें कोई मोबाईल भत्ता भी नहीं देता है। साथी सच्चे मन से विचार करें इन समस्त कारणों के बाद फिर हमारे मोबाइल से ई अटेंडेंस आखिर क्यों? वो भी फिर शिक्षक ही क्यों? क्या अभी तक शिक्षक स्कूलों में नहीं जा रहे थे या नहीं पढ़ा रहे थे जो एक सो अपवाद शिक्षक साथियों के कारण अभी शिक्षकों को चोर व लापरवाह तरीके से आंक कर यह बेतुका व अव्यवहारिक व अमानवीय ई-अटेंडेन्स को हमारे ऊपर थोपना कहाँ तक सही है और फिर इसे हमारे वेतन वव्यवस्था से जोड़ना कहाँ तक सही है। उक्त सैकड़ों कारणों से जब हमारा ई अटेंडेन्स नहीं लग पायेगा और 1, 2 या 3 दिन का 5000₹ से 7000₹ रुपया वेतन का कटेगा तो बहुत दिक्कत होगी।
इस लिए साथियों आप सिर्फ अपना न सोंचें उक्त समस्त साथियों के बारे में सोचें जिन्हें उक्त समस्त कार्य उक्त समस्त परेशानियों को झेलते हुए करना पड़ता है और फिर विद्यालय में पहुँचकर बच्चों को पढ़ाना पढ़ना पड़ता है उनके साथ ई अटेंडेन्स में कभी हाजरी न लग पाने से शिक्षक के बिना किसी गलती के वेतन कटेगा तो बहुत बुरा होगा। ई अटेंडेन्स के लिए हम तैयार हैं पर हमारे व्यक्तिगत मोबाईल से नहीं थम मशीन से और उक्त कारणों में शासन हमें छूट दे संस्था प्रमुख व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से हमारे उक्त कार्यों व कारणों की जानकारी ले उनके बावजूद भी कोई शिक्षक वास्तव में गलत है तो उसके बखिलाफ़ शासन कोई भी सजा दे चाहे वेतन भी काटे तो हमें कोई ऐतराज नहीं है।
आप सभी कल 14 अक्टूबर को हर हाल में अधिक से अधिक संख्या में मण्डला पहुँचकर ई अटेंडेन्स के विरोध में ज्ञापन कार्यक्रम को अवश्य सफल बनायें।
दिलीप मरावी
जिलाध्यक्ष
TWTA मण्डला

Leave A Reply

Your email address will not be published.