इस दिवाली घर ला रहे है आप श्रीगणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति, तो इन बातों का जरूर रखें ख्याल

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दिवाली त्योहार आने में कुछ दिन शेष रह गए है जिसकी तैयारियों का दौर कई घरों में शुरु हो गया है। दिवाली से पहले ही घरों में साफ-सफाई का दौर शुरु हो जाता है वहीं पर पूजा के लिए सामान और मूर्ति की खरीददारी भी कर लेते है। दिवाली के मौके पर माता लक्ष्मी और श्रीगणेश जी की पूजा करने का विधान होता है। पूजा करने के लिए हर साल नई मूर्ति खरीदना जरूरी होता है। कहते हैं कि, माता लक्ष्मी से हमें धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है तो गणेशजी से बुद्धि की प्राप्ति होती है, जिससे धन का सही तरीके से प्रयोग किया जाता है। दिवाली के मौके पर कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है खासकर मूर्ति की खरीददारी करने के दौरान।

हर साल क्यों बदलते है मूर्ति

हर साल दीवाली पर माता लक्ष्मी और श्रीगणेशजी की मूर्ति खरीदते है। कहते है कि, एक ही मूर्तियों की पूजा हर साल नहीं करनी चाहिए। नियम कहते है कि, अगर आपके पास पुरानी गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां हैं तो उनका विसर्जन कर दें। अगर आपके पास चांदी की गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां हैं तो गंगाजल से साफ करके दीवाली पूजन में इस्तेमाल कर सकते हैं।

मां लक्ष्मी और गणेशजी की मूर्ति खरीदते समय रखें ध्यान

  1. दीवाली की पूजा के लिए माता लक्ष्मी और गणेशजी की मूर्तियां खरादने के दौरान देखना चाहिए कि, मूर्तियां एक साथ जुड़ी हुई मूर्तियां नहीं खरीदनी चाहिए। दिवाली पर पूजा घर में रखने के लिए लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमा अलग अलग होनी चाहिए।
  2. गणेशजी की मूर्ति खरीदते समय गणेशजी के हाथ में मोदक वाली ही मूर्ति खरीदें। ऐसी मूर्तियां घर में सुख समृद्धि लाती हैं।
  3. गणेश जी मूर्ति के साथ मूषक महाराज का होना भी जरूरी है।
  4. ऐसी कोई मूर्ति ना खरीदें, जिसमें मां लक्ष्मी अपने वाहन उल्लू पर विराजमान हों। उल्लू पर विराजमान मां लक्ष्मी को काली मूर्ति का प्रतीक माना जाता है।
  5. लक्ष्मी मूर्ति खरीदते समय ध्यान रखें कि मां लक्ष्मी कमल के फूल पर विराजमान हों। उनका हाथ वरमुद्रा में हो और धन की वर्षा कर रहा हो।
  6. लक्ष्मी माता की मूर्ति ऐसी ना खरीदें, जिसमें माता खड़ी हों। ऐसी मूर्तियां लक्ष्मी माता के जाने की मुद्रा को दर्शाती है इसलिए आप विराजमान मां लक्ष्मी की मूर्ति खरीदें।
  7. मिट्टी के श्रीगणेश- मां लक्ष्मी की मूर्तियां ही घर लाएं

    आप दीवाली के मौके पर मिट्टी के श्रीगणेश- मां लक्ष्मी की मूर्तियां ही घर में लाना शुभ होता है। कहते है कि, भगवान गणेश का वर्ण लाल या सफेद रंग का है, दूसरी तरफ मिट्टी का निर्माण भगवान ब्रह्माजी द्वारा किया गया है और धर्म शास्त्रों में मिट्टी से बनी मूर्ति की ही पूजा करने का विधान होता है। कहते है कि, अगर गंगाजी, तालाब, कुंए या गौशाला की मिट्टी से गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति बनाई जाए और फिर उनकी पूजा अर्चना की जाए तो यह लाभ दिलाने का काम करता है। अगर आपके पास सोने चांदी से निर्मित गणेश लक्ष्मी की प्रतिमाएं हैं तो गंगाजल से धोकर उनका पूजन किया जा सकता है।

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