पानी के लिए मचा हाहाकार! जल जीवन मिशन नहीं बुझा सका जनता की प्यास ….. भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना! आकड़ो में चल रहा हैं खेल….

26

रेवांचल टाईम्स – मंडला, मध्यप्रदेश के मंडला जिले में जल जीवन मिशन की सच्चाई अब खुलकर सामने आने लगी है। करोड़ों के इस मिशन का उद्देश्य था हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना, मगर हकीकत यह है कि न जनता को पानी मिला, न जिम्मेदारों को शर्म!
सबसे खराब हालात नैनपुर तहसील के ग्राम परसवाड़ा में हैं, जहां नल-जल योजना शुरू से ही खटाई में पड़ी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जानबूझकर सप्लाई बंद रखी जाती है। कभी मोटर खराब, कभी तकनीकी खराबी का बहाना बना दिया जाता है — लेकिन असल में लापरवाही और भ्रष्टाचार की गहरी साजिश छिपी है।
ग्रामीणों का कहना है कि अधूरा कार्य ही पंचायत को हैंडओवर कर दिया गया, जबकि पाइपलाइन बिछाने से लेकर नलों की टोटी लगाने तक — हर जगह मनमानी और धांधली की गई।
वार्ड क्रमांक 3 में तो पानी की सप्लाई टेस्टिंग के दौरान भी नहीं हो पा रही है। कहीं फाउंडेशन नहीं बनाए गए, कहीं टोटियां ही नहीं लगाई गईं।

ग्रामीणों का गुस्सा अब चरम पर है। उनका कहना है कि

> “योजना सुधार के नाम पर हर बार पैसा तो निकाला जाता है, पर काम नहीं होता!”
पूरे गांव में पाइपलाइन का कार्य अधूरा पड़ा है, पानी की सप्लाई ठप है, और विभाग तथा पंचायत — दोनों ही नींद में हैं।

जनता की साफ मांग है —
पूरी योजना की उच्च स्तरीय जांच की जाए,
सभी वार्डों में सप्लाई बहाल की जाए,
और जो अधिकारी या ठेकेदार दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।

कागज़ों में बह रहा है पानी — लेकिन हकीकत में सूख रहा है परसवाड़ा!

Leave A Reply

Your email address will not be published.