भवन निर्माण बनाम हरियाली: उद्यानिकी को बचाने पर्यावरण प्रेमियों की पुकार

भवन निर्माण के लिए उद्यानिकी को उजड़ने नहीं देने पर्यावरण प्रेमियों की मांग
कोरोनाकाल में बनी ऑक्सीजन की किल्लत से भी सीख नहीं लेना भविष्य में पड़ेगा भारी
रेवाँचल टाईम्स – मण्डला शहर के बंजरचौक स्थित उद्यानिकी की लगभग 5 एकड़ भूमि पर संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय बनाए जाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री और मण्डला जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल के करकमलों से भूमिपूजन किए जाने की खबर सोशल मीडिया पर चलते ही पर्यावरण प्रेमियों के बीच में आक्रोश का कारण बन गया है। बताया जा रहा है,कि जनता के द्वारा वर्षों पहले की गई उद्यानिकी बचाने की मांग को नजरंदाज कर इतने विशाल उद्यानिकी को उजाड़कर कांक्रीट का पहाड़ खड़ा करना पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ जैव विविधता को भी भारी खतरा होगा। इसलिए इसको उजाड़ने नहीं दिया जाएगा।
बता दें,कि मण्डला जिले के आम आदमी पार्टी संगठन द्वारा एक साल पहले इसकी आंशिक भनक लगते ही कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौपकर उद्यानिकी परिसर को बचाए रखने की मांग की गई थी। बावजूद प्रशासन ने इस पर विचार करने की बजाय उजाड़ने की पूरी तैयारियां कर ली और बुधवार 29 अक्टूबर को भूमिपूजन के लिए मण्डला जिले के प्रभारी मंत्री को भी आमंत्रित कर लिया गया। समय ने ऐसा साथ दिया कि पूरी तैयारियों को निरस्त करते हुए प्रशासन को इस कार्यक्रम पर रोक लगाना पड़ा। जिससे आम आदमी पार्टी के साथ साथ शहर और जिले के सभी पर्यावरण प्रेमियों में प्रसन्नता की लहर है।जबकि इस संबंध में किसी जागरूक समाजसेवी के द्वारा दिल्ली स्थित विभाग प्रमुख कार्यालय में अपना पक्ष रखे जाने की भी चर्चा है। उद्यानिकी विभाग प्रमुख ने भी इस संबंध में कलेक्टर मण्डला को पत्र लिख चुका है। और तो और माननीय न्यायालय में याचिका दर्ज कर स्टे लिए जाने की जानकारी प्रशासन को है। बावजूद प्रशासनिक हठधर्मिता के सामने माननीय न्यायालय के फैसले का भी इंतजार नहीं करने की जिद से पर्यावरण प्रेमियों की चिंता आक्रोश में बदलता दिखाई दे रही है।
समाज के बुद्धिजीवीयों,जनमानस से अपील की जा रही है,कि इस पर हमेशा के लिए रोक लगाने खुलकर आगे आने की सख्त जरूरत है,वरना देखते ही देखते पचासों साल पहले से लगे हजारों पेड़ उजाड़कर कांक्रीट के आलीशान भवन बनाकर खड़े कर दिए जाएंगे और अपरिमित मात्रा में मिलने वाला प्राकृतिक आक्सीजन यहां से मिलना ही बंद हो जाएगा। यहां पर पचासों साल से तैयार इन हजारों पेड़-पौधों से शहर के लाखों रहवासियों को जीवन देने वाले के साथ-साथ अमूल्य पर्यावरण एवं ईको सिस्टम का संतुलन बना हुआ है। यहां पर जिले के किसान आए दिन प्रशिक्षण से सीखकर अपनी कृषि कार्य के साथ-साथ उद्यानिकी काम को जीवन का सहारा बनाते हैं। यहां पर नई – नई प्रजातियों के पौधे तैयार कर योजनाओं के तहत् किसानों को देकर लाभान्वित भी कराया जाता है। वर्तमान में दस हजार से भी ज्यादा अनेकों प्रजातियों के पेड़-पौधे इस उद्यानिकी परिसर में फल-फूल रहे हैं।जिनसे शहर के लिए हजारों आक्सीजन सिलेंडर से भी ज्यादा शुद्ध हवा का लाभ तो मिलता ही है। इस भूमि से हटकर संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय जैसे निर्माण कार्य को मूर्त रूप देने जनमानस से सुझाव लेकर अन्यत्र स्थान के लिए विचार किए जाने का प्रशासन से आग्रह किया गया है।
आम आदमी पार्टी के द्वारा दो वर्षों से ज्ञापन कार्यवाही लगातार जारी है। बावजूद इस पर विचार करने के प्रशासन मनमाना करने पर तुला हुआ है। इस परिसर को उजाड़कर भवन निर्माण करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले समाज के बुद्धिजीवियों से सलाह मशविरा करने के बाद ही इस विषय पर निर्णय लेने का प्रशासन से आग्रह किया गया है।
पी.डी.खैरवार,पूर्व जिला अध्यक्ष आम आदमी पार्टी एवं समाज शुभचिंतक
मानता हूं,कि निर्माण कार्य विकास की सतत् प्रक्रिया है। जिसको पूरा करने के लिए नफा-नुकसान की औसत का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
चंद्रगुप्त नामदेव
पूर्व जिला सचिव आम आदमी पार्टी मण्डला एवं पर्यावरण मित्र
जब प्रशासन को जानकारी है,कि माननीय न्यायालय में मामला दर्ज है,बावजूद इसके फैसले का इंतजार भी नहीं करने की प्रशासनिक हठधर्मिता नीतिसंगत नहीं है।
रॉबिन पाठक
नगर अध्यक्ष: नर्मदा पर्यावरण समिति मण्डला।
पचासों साल से तैयार और हरे-भरे शहर के बीचों बीच स्थित उद्यानिकी परिसर को समूल उजाड़कर कांक्रीट का पहाड़ खड़ा करना पर्यावरण संरक्षण के खिलाफ है।ऐसा करना ही है,तो पहले इसी तर्ज पर उद्यानिकी तैयार कर लिया जाए फिर उजाड़ने का विचार किया जाए।
हजारों पौधों को पनपाकर विशाल पेड़ के रूप में तैयार करने में तन-मन-धन और पता नहीं क्या-क्या खर्च करना होगा। कांक्रीट भवन निर्माण के लिए जिनको उजाड़ देना मानवीय आधार पर उचित नहीं है।सरकार पुनः विचार करे।
सहजान परस्ते कार्यकर्ता आम आदमी पार्टी एवं कृषक मण्डला ।
उद्यानिकी मण्डला को उजाड़कर भवन खड़े करना जायज नहीं है। सरकारी भवनों के निर्माण के लिए शहर में और भी जमीनें हैं। जहां के लिए बुद्धिजीवियों से सुझाव लेकर तैयार किया जा सकता है।
डी एस वरकड़े
कार्यकर्ता आम आदमी पार्टी
मण्डला एवं सेवानिवृत्त