थांगता नेशनल चैंपियनशिप गोवा में खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

जिले के खिलाड़ियों ने थांगता मार्शल आर्ट खेल में 1 गोल्ड, 7 ब्रॉन्ज मेडल के साथ शहर लौटे
विजेता खिलाड़ियों का ना कोई स्वागत, ना कोई सम्मान कैसे बढ़ेगा जिले में खेल ओर खिलाड़ी
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
थांगता फेडरेशन ऑफ इंडिया के अंतर्गत गोवा राज्य के तत्वाधान में 31वीं राष्ट्रीय स्तरीय थांगता मार्शल आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन 27 से 31 अक्टूबर तक मनोहर पर्रिकर इंडोर स्टेडियम में आयोजित की गई थी। इस राष्ट्रीय स्तरीय थांगता प्रतियोगिता में हमारे जिले के 24 कोयलांचल,आदिवासी क्षेत्र के खिलाड़ियों ने भाग लेकर 1 गोल्ड 7 ब्रॉन्ज सहित 8 मेडल जीत कर जिले के साथ साथ मध्य प्रदेश को भी गौरवान्वित किया है। 14 एवं 18 वर्ष बालक/बालिका सब जूनियर और सीनियर वर्ग के विजेता खिलाड़ी 25 कि.ग्रा. वर्ग में सोनाक्षी बेस गोल्ड मेडल, 33कि.ग्रा. में श्रीसमर्थ रुखमांगद,37कि.ग्रा.में
डिंकल बरहैया,41कि.ग्रा.में श्रेयश गुप्ता,45 कि.ग्रा.में काव्य कुरोलिया,45 कि.ग्रा. राशि जैन,
48 कि.ग्रा. में आशना धुर्वे,70 कि.ग्रा. में लक्ष्य विश्वकर्मा ब्रॉन्ज मेडल सहित जिले के सभी खिलाड़ियों का शानदार ऐतिहासिक प्रदर्शन रहा। खिलाड़ियों ने अपनी इस बहुमूल्य सफलता का श्रेय अपने माता पिता एवं कोच योगेश रुखमांगद को दिया। इस विजय उपलब्धि पर खिलाड़ियों को मध्य प्रदेश थांगता एसोसिएशन के महासचिव शिवेंद्र सिंह परमार कोषाध्यक्ष प्रवेशराजा,आई मार्शल आर्ट्स स्पोर्ट्स अकादमी के अध्यक्ष निलेश शुक्ला, उपाध्यक्ष नितिन राजोरिया,जिला थांगता एसोसिएशन उपाध्यक्ष मितेश जैसवाल,आदिवासी विकास विभाग जिला क्रीड़ा अधिकारी कप्तान अनुरोध शर्मा,प्रोफेसर डॉ प्रकाश अजवानी,क्रीड़ा भारती महाकौशल प्रांत मंत्री बीसीसीआई अंपायर राकेश त्रिपाठी ने बधाई देकर उज्जवल भविष्य की कामना की।

लगातार जीत के बाद भी मायूस खिलाड़ी ओर कोच
जिला थांगता सचिव,अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी मार्शल आर्ट कोच योगेश रुखमांगद ने जानकारी देते हुए बताया कि थांगता मार्शल आर्ट खेल को उन्होंने 2024 में 10 खिलाड़ियों के साथ शुरू किया था एक वर्ष के अंदर कड़ी मेहनत,परिश्रम और प्रशिक्षण देने के बाद आज जिले में इस थांगता मार्शल आर्ट्स खेल के विभिन्न स्थानों पर लगभग 500 से अधिक खिलाड़ी है और अभी तक 200 से अधिक खिलाड़ी राज्य स्तरीय ओर 35 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तरीय पर अपना शानदार ऐतिहासिक खेल प्रदर्शन कर जिले के लिए सफलतम परिणाम मार्शल आर्ट्स स्पोर्ट्स के माध्यम से जिले को गौरवान्वित कर रहे है। किंतु खिलाड़ियों सहित कोच के लिए दुर्भाग्य का विषय यह है कि अच्छे परिणाम प्राप्त होने पर इनके माता पिता शहर के समाज सेवकों के अलावा कभी कोई संगठन स्वागत तक करने आज तक सामने नहीं आया। आज क्या हम जिले में संस्था,दल, संगठन,एनजीओ की कमी है जो हमारे भारतीय मार्शल आर्ट्स को बढ़ावा देने के साथ साथ खिलाड़ी को कुछ उपहार भेंट कर उनका मनोबल बढ़ाने का कार्य तो कर सकते है। पर आज तक ऐसा कुछ भी नहीं हुआ खिलाड़ियों के माता पिता ही खिलाड़ी का संपूर्ण खर्च लगाकर अपने बच्चों को खेल के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ और मजबूत अनुशासित जीवन जीने की शैली प्रदान कर रहा है। क्या हमारे समाज,आदिवासी,कोयलांचल क्षेत्र के मेधावी खिलाड़ियों के लिए कोई भी नहीं। जबकि अन्य राज्यों के खिलाड़ियों को आने जाने रहने खाने खेलने के संपूर्ण खर्च के साथ साथ गोल्ड मेडल पर 1.50 लाख,सिल्वर मेडल पर 1 लाख एवं ब्रॉन्ज मेडल पर 50 हजार तक की स्कॉलरशिप शासन द्वारा प्रदान की जा रही है।