सांझा चूल्हा योजना में भ्रष्टाचार की आंच…कम राशि मिलने और बार-बार अनुबंध से त्रस्त समूह, स्टांप व नोटरी माफिया की खुली लूट

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रेवाँचल टाईम्स – मंडला, शासन प्रशासन की योजनाएं पैसों की कमी की वजह से परेशानी का सबब बन रही है सरकारी स्कूलों में मिड डे मील और खासकर सांझा चूल्हा कार्यक्रम आंगनबाड़ी केदो में संचालित हो रहा है लेकिन बताया जा रहा है कि इन दोनों कार्यक्रम के लिए बेहद कम पैसा दिया जा रहा है और राशन भी बेहद कम दिया जा रहा है जिसकी वजह से यह दोनों कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं महिला बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केदो में सांझा  चूल्हा कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है इस कार्यक्रम अंतर्गत संबंधित विभाग के माध्यम से बेहद कम राशि प्रदान किए  जा रहा है इस कार्यक्रम को संचालित करने वाले समूहों का कहना है कि बेहद कम राशि दी जा रही है साथ में राशन सामग्री भी बेहद कम दी जा रही है पर्याप्त राशि बैंक खातों में जमा नहीं की जा रही है जिसकी वजह से उन्हें इस कार्यक्रम को संचालित करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है खबर तो यह भी मिल रही है कि अधिकांश समूह आंगनबाड़ी केदो में खाना बनाना बंद कर रहे हैं सांझा चूल्हा कार्यक्रम से किनारा कर रहे हैं समूह का अनुबंध इस समय किया जा रहा है हर साल समूह का अनुबंध महिला बाल विकास विभाग द्वारा कराया जाता है इस बात को लेकर भी समूहों में नाराजगी है समूह का कहना है कि एक बार अनुबंध किया जाए बार-बार अनुबंध करके आखिरकार परेशान क्यों किया जा रहा है अनुबंध के नाम पर भी राजस्व कार्यालय नैनपुर में लूट चल रही है यहां पर टाइपिंग₹100 में होती है स्टांप पेपर ₹200 का 240 रुपए में मिलता है और नोटरी₹200 में की जा रही है अनुबंध का यह काम लगभग 740 रुपए मैं हो रहा है कुल मिलाकर ₹1000 खर्च समूह के हो रहे है महिला बाल विकास विभाग द्वारा एक बार में अनुबंध कराया जाए बार-बार अनुबंध की प्रक्रिया पूरी न कराई जाए ऐसी जन अपेक्षा है!

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