एआईटीई–2026 : कान्हा टाइगर रिज़र्व कर रहा है सम्पूर्ण कान्हा लैंडस्केप का नेतृत्व

रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले में अखिल भारतीय बाघ आकलन 2026 न केवल भारत बल्कि सम्पूर्ण विश्व का सबसे बड़ा वन्यजीवन मॉनिटरिंग कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य न केवल बाघों की वास्तविक स्थिति आंकना है, बल्कि पूरे पारिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य का वैज्ञानिक मूल्यांकन भी करना है।
आगामी अखिल भारतीय बाघ आंकलन (AITE–2026) के लिए कान्हा टाइगर रिज़र्व को पूरे कान्हा लैंडस्केप हेतु नोडल नियुक्त किया गया है। यह लैंडस्केप लगभग 6000 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में फैला है, जिसमें आठ वन मंडल और संरक्षित क्षेत्र शामिल हैं—
पूर्व मंडला, प. मंडला, डिंडोरी, उत्तर बालाघाट, दक्षिण बालाघाट, लामटा प्रोजेक्ट, मोहगांव प्रोजेक्ट, फेन अभयारण्य, तथा कान्हा टाइगर रिज़र्व स्वयं।
अखिल भारतीय बाघ आकलन का कार्य 3 फेस मे संपादित किया जावेगा l
AITE–2026 का पहला चरण 1 दिसम्बर 2025 से प्रारंभ होगा। इस चरण में देशभर से चयनित स्वयंसेवक वन विभाग की टीम के साथ कार्निवोर साइन सर्वे एवं ट्रांसक्ट लाइन सर्वे में हिस्सा लेंगे। यह सर्वे हज़ारों किलोमीटर के वन पथों पर मांसाहारी वन्यजीवों के पदचिह्न, स्कैट, स्क्रैच एवं अन्य प्रमाण तथा ट्रांजेक्ट लाइन पर शाकाहारी वन्यजीव के प्रत्यक्ष दर्शन सहित सैंपल प्लाट पर वांछित डाटा दर्ज करने हेतु आयोजित किया जा रहा है।
द्वितीय चरण मे WII जैसे संस्थान मे प्राप्त डाटा का विश्लेषण कार्य संपादित किया जावेगा
वही इसके फेज 3 का कार्य 15 नवम्बर 2025 से पूरे कान्हा लैंडस्केप में शुरू हो चुका है। इस चरण में चार ब्लॉकों में कैमरा ट्रैप तैनाती कार्य तेज़ी से किया जा रहा है, जिसे अगले चार महीनों में पूर्ण करने का लक्ष्य है।
इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए विशेष कैमरा ट्रैप टास्क फोर्स गठित की गई है, जिसका नेतृत्व फील्ड डायरेक्टर, कान्हा टाइगर रिज़र्व कर रहे हैं। सभी वन मंडलों के साथ समन्वय एवं वैज्ञानिक पद्धति से कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा हैl
इस प्रक्रिया में वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया के शोधकर्ता भी सक्रिय रूप से क्षेत्रीय टीम के साथ कार्य कर रहे हैं। उनकी भागीदारी से डेटा संग्रह की सटीकता, फील्ड वैलिडेशन और वैज्ञानिक गुणवत्ता और भी मजबूत हो रही है।
कान्हा टाइगर रिज़र्व के नेतृत्व में यह प्रक्रिया सुगठित, व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीकों से संचालित होने की अपेक्षा है।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण पहल*
AITE–2026 भारत का सबसे बड़ा वन्यजीवन मॉनिटरिंग कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य न केवल बाघों की वास्तविक स्थिति आंकना है, बल्कि पूरे पारिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य का वैज्ञानिक मूल्यांकन भी करना है।
कान्हा टाइगर रिज़र्व के नेतृत्व में यह प्रक्रिया सुगठित, व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीकों से संचालित होने की अपेक्षा है।
कान्हा टाइगर रिज़र्व वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है और AITE–2026 में उच्च गुणवत्ता के डेटा एवं उत्कृष्ट समन्वय प्रदान करने हेतु संकल्पित है।