बीएलओ के कार्य में लापरवाही बरतने पर प्राथमिक शिक्षक निलंबित
एसआईआर का कार्य प्रभावित होने पर की गई कार्यवाही
रेवांचल टाइम्स – मंडला, 17 नवंबर 2025 शासकीय प्राथमिक शाला पड़ाव वार्ड मण्डला की प्राथमिक शिक्षक श्रीमति सविता चौधरी को पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही/उदासीनता बरतने तथा बीएलओ का कार्य न करने से निर्वाचन कार्य बाधित करने के कारण म.प्र. सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी 107 (अ.ज.जा.) जिला मण्डला के द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि शासकीय प्राथमिक शाला पड़ाव मण्डला की प्राथमिक शिक्षक श्रीमति सविता चौधरी को बी.एल.ओ. के कार्य के लिए आदेशित किया गया था, लेकिन उनके द्वारा निर्देशों की अव्हेलना करके कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन श्रीमति चौधरी के द्वारा नोटिस का प्रतिउत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी 107 मण्डला के प्रतिवेदन के द्वारा पुनः अवगत कराया गया कि श्रीमति चौधरी को विधानसभा मण्डला 107 के कार्य हेतु आदेशित करने के बाद आज पर्यन्त तक एक भी गणना फार्म वितरित नहीं किये गये और न ही गणना फार्म ऑनलाईन फीड किया गया। लगातार सम्पर्क करने के बाद भी श्रीमति चौधरी के द्वारा बी.एल.ओ. का कार्य करने से मना किया गया। श्रीमति चौधरी के द्वारा कार्य न करने से निर्वाचन कार्य प्रभावित हुआ एवं मतदान केन्द्र 299 मण्डला के मतदाता अब तक गणना फॉर्म प्राप्त करने से वंचित हैं। श्रीमति चौधरी के विरूद्ध निलंबन सह अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की गई।
प्राथमिक शिक्षक श्रीमति चौधरी का उपरोक्त कृत्य शिक्षक पद की गरिमा के विपरीत कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही का द्योतक होने के साथ ही निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य के प्रति उनकी उदासीनता को प्रकट करता है, जो म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के उपनियम एक एवं 7 के विपरीत होने के साथ-साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के भी विपरीत है। निर्वाचन कार्य के लिए विहित प्राधिकारी के आदेशों की अव्हेलना क्षम्य योग्य नहीं है। श्रीमति चौधरी की कार्य में लापरवाही के कारण निर्वाचन कार्य के अंतर्गत वर्तमान में गतिशील एसआईआर का कार्य प्रभावित हुआ है। निलंबन काल में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मवई निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।