एक्सपायरी माल पर मंडला में चल रहा गंदा खेल!
जनता की सेहत से खुला सौदा — प्रशासन की चुप्पी बनी ज़हर का परवाना बड़ी घटना का इतंजार!
रेवांचल टाईम्स – मंडला जिले के किराना दुकानों और होटलों से लेकर मिठाई खाने पीने तक कि वस्तुएं बाजारों में एक्सपायरी माल का खुला कारोबार चल रहा है, जिला प्रशासन केवल घटना और दुर्घटनाओं के बाद ही आख़िर क्यों जागती है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। दुकानदारों ने चंद रुपये की लालच से मानो उपभोक्ताओं की जान के साथ व्यापार करना अपना नया धंधा बना लिया है। समाप्त अवधि वाले खाद्य पदार्थ, जिनकी एक्सपायरी डेट मिटा दी गई है या जानबूझकर छिपाई गई है, खुलेआम बेचे जा रहे हैं — और स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासन की आंखें बंद हैं!
शनिवार को लालीपुर क्षेत्र में एक उपभोक्ता ने जब स्थानीय दुकान से चना पैकेट खरीदा, तो घर पहुंचने पर देखा कि पैकेट पर एक्सपायरी डेट पूरी तरह गायब थी। यह कोई एक घटना नहीं — बल्कि मंडला के बाजारों में ऐसे “ज़हरीले सौदों” की भरमार है। दुकानदार पुराने, सड़े या एक्सपायरी उत्पादों को नई पैकिंग में सजाकर ग्राहकों को ठग रहे हैं।
प्रशासन की खामोशी — सेहत पर संकट
यह हैरान करने वाली बात है कि खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन अब तक इस गंभीर लापरवाही पर मौन साधे हुए हैं। मंडला जैसे जिला मुख्यालय में यदि यह हाल है, तो ग्रामीण अंचलों में हालात कितने भयावह होंगे, इसका अंदाज़ा लगाना कठिन नहीं।
जहाँ न निरीक्षण टीम जाती है, न सैंपल लिए जाते हैं — वहाँ ज़हर बेचा जा रहा है और सरकार सो रही है!
जनता में आक्रोश — कार्रवाई की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से तत्काल सघन जांच अभियान की मांग की है। उनका कहना है कि दोषी व्यापारियों पर एफआईआर दर्ज कर लाइसेंस निलंबित किया जाए।
ऐसा कहना है स्थानीय उपभोक्ताओं का।
जन अपेक्षा: स्वास्थ्य से जुड़ी लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए सरकार
अब सवाल यह है कि —
मंडला में खुलेआम बिक रहे एक्सपायरी उत्पादों को कौन रोकेगा?
क्या जनता की सेहत की कीमत पर कुछ अफसरों की चुप्पी खरीदी जा रही है?
मंडला की जनता सरकार से कठोरतम कार्रवाई की मांग कर रही है।
अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो यह लापरवाही किसी बड़े जन-स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।
एक्सपायरी माल का व्यापार — अपराध है, गलती नहीं!
मंडला की जनता ने चेतावनी दी है