ऑपरेशन मुस्कान को बड़ी सफलता…. छिंदवाड़ा पुलिस ने दो नाबालिग अपहर्ताओं को किया दस्तयाब; एक की फीस चुकाई, दूसरी घूमने के शौक में हुई थी लापता
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान के तहत, छिंदवाड़ा की देहात पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जहां दो अलग-अलग मामलों में लापता हुई दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित रूप से दस्तयाब किया गया है। इन दोनों मामलों में पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता सराहनीय रही
पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक अजय राणा के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी देहात, निरीक्षक गोविंद सिंह राजपूत ने विशेष टीम गठित कर यह सफलता हासिल की।
1. फीस न चुका पाने का गुस्सा बना पलायन का कारण
पहला मामला: 18.11.2025 को गगई बना निवासी भैयालाल भारती ने अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। देहात पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, मुखबिर तंत्र की मदद से अपहर्ता को जबलपुर के गोरखपुर से दस्तयाब किया।
पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसके भाई के एक्सीडेंट के कारण पिता उसकी पढ़ाई की फीस नहीं भर पा रहे थे, जिससे नाराज होकर वह घर से चली गई थी।
थाना प्रभारी ने दिखाई संवेदनशीलता
इस भावनात्मक मामले में, थाना प्रभारी निरीक्षक गोविंद सिंह राजपूत ने मानवीय दृष्टिकोण दिखाते हुए, न केवल अपहर्ता को समझाया, बल्कि उनकी बकाया स्कूल फीस का भुगतान भी किया और परिवार को भविष्य में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
घूमने के शौक में छोड़ा घर
दूसरा मामला: 17.11.2025 को खजरी निवासी गीता वन्देवार ने अपनी बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले में, पुलिस टीम ने नाबालिग को छिंदवाड़ा जिले के सांवरी बस स्टैंड से दस्तयाब किया।
पूछताछ में पता चला कि नाबालिग लड़की घूमने के शौक के चलते बिना बताए घर से निकल गई थी।
*टीम को किया जाएगा पुरस्कृत*
देहात पुलिस ने दोनों अपहर्ताओं को सुरक्षित रूप से उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम की सराहना करते हुए पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
टीम की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों में निरीक्षक गोविंद सिंह राजपूत, उनि वर्षा सिंह, सउनि कमलेश सत्यार्थी, आरक्षक 414 ब्रजेश पाल, आर. 148 शेर सिंह और म. आर. 647 राजकुमारी शामिल हैं।
यह सफलता दर्शाती है कि ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत छिंदवाड़ा पुलिस नाबालिगों की सुरक्षा और उनके परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।