एमपी ट्रांसको की रात्रिकालीन सख्ती लाई रंग: छिंदवाड़ा के सबस्टेशनों पर सुरक्षा और दक्षता बढ़ी, चोरी की घटनाओं पर लगाम

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा|मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा छिंदवाड़ा जिले में सबस्टेशनों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए शुरू की गई रात्रिकालीन औचक निरीक्षण की पहल ने शानदार नतीजे दिए हैं।

इस सख्ती के कारण सबस्टेशनों पर तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों में कार्य के प्रति सजगता और अनुशासन का स्तर अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है, जबकि लापरवाही के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। इस मॉडल से न केवल सुरक्षा मजबूत हुई है, बल्कि यार्ड संचालन एवं कार्य दक्षता में भी महत्वपूर्ण सुधार देखा गया है।

​सकारात्मक परिणाम औचक निरीक्षण से बढ़ी कर्मचारियों की सजगता, विश्वसनीयता और बिजली आपूर्ति में सुधार
​चोरी पर लगाम: अधीक्षक अभियंता निजाम सिंह लोधी ने बताया कि यह पहल पूर्व मुख्य अभियंता प्रवीण गार्गव के कार्यकाल में संवेदनशील उपकरणों जैसे कॉपर स्ट्रिप और आइसोलेटर कॉपर ब्लेड की चोरी को रोकने के लिए शुरू की गई थी, जो अब कार्यकुशलता सुधार का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।
​बढ़ी हुई दक्षता रात्रिकालीन निरीक्षण से कर्मचारियों की सजगता बढ़ी है, जिससे कार्य संचालन और दक्षता में सुधार हुआ है।
​पारदर्शिता और प्रमाणिकता: निरीक्षण को पारदर्शी बनाने के लिए, अधिकारियों को सबस्टेशन का फोटो एवं वीडियो प्रमाण सहित निरीक्षण विवरण विभागीय व्हाट्सऐप समूह में साझा करना अनिवार्य है।
​तकनीकी लाभ अंधेरे में दिखती हैं दिन में छिपी कमियाँ
​अधीक्षण अभियंता लोधी के अनुसार, रात्रिकालीन यार्ड निरीक्षण का एक बड़ा तकनीकी लाभ भी है:
​खराबियों की पहचान: अंधेरे में यार्ड की जाँच के दौरान स्पार्किंग, लूज कनेक्शन या असामान्य आवाज़ जैसी सूक्ष्म गतिविधियाँ या संभावित खराबियाँ आसानी से दिखाई देती हैं, जिन्हें दिन के उजाले में अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
​ब्रेकडाउन में कमी समय रहते इन कमियों का पता चलने से अचानक होने वाले ब्रेकडाउन या आपातकालीन स्थितियों को टालने में बड़ी सफलता मिली है, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल रही है।
​प्रभावी मेंटेनेंस मेंटेनेंस कार्य अब पहले से अधिक योजनाबद्ध और प्रभावी ढंग से संपादित हो पा रहा है।
​कर्मचारियों का कौशल विकास निरीक्षण के दौरान आउटसोर्स कर्मियों को भी यार्ड निरीक्षण की बारीकियों को सीखने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता लगातार बढ़ रही है।
​वीडियो कॉल से चौबीसों घंटे निगरानी
​औचक निरीक्षण के अलावा, अधिकारियों द्वारा वीडियो कॉल के माध्यम से भी रात्रिकालीन मॉनिटरिंग की जा रही है। इससे अधिकारी किसी भी समय, किसी भी स्थान से सबस्टेशन की वास्तविक स्थिति जान पा रहे हैं, जिससे सुरक्षा और निगरानी प्रणाली को अतिरिक्त मजबूती मिली है।
​जूनियर इंजीनियर से लेकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता तक सभी अधिकारियों को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। एमपी ट्रांसको की यह बहुआयामी व्यवस्था छिंदवाड़ा क्षेत्र में पावर ट्रांसमिशन सिस्टम की गुणवत्ता एवं स्थिरता को निरंतर मजबूत कर रही है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल रही है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.