बैगाचक में शर्मनाक तस्वीर: वॉटरशेड संस्था ने नाबालिग बालिकाओं से कराई मजदूरी
विकास की जीती जागती तस्वीर…..
नवनिहालों के हाथो में पुस्तक की जगह तसला फावड़ा थमाया जिम्मेदार ने
“बैगाचक की नाबालिग बालिकाओं से कुएं के कार्य में मजदूरी करा रहे है वॉटर सेड संस्था के कर्मचारी”

रेवांचल टाइम्स – बैगा आदिवासी बहुल्य क्षेत्रों में ये केसा विकास हो रहा है जहाँ जिन हाथों किताब कॉपी होनी थी उन नाजुक कंधो तसला रखा दिया गया गया कहा गए समाज को विकसित कहने वाले और वो भी आखिर कहाँ जो डिजिटिल इण्डिया बता रहें आज भी पिछड़े क्षेत्रों में लोगो को अपने पेट की आग बुझाने खुद मजदूरी कर ही रहे है साथ ही अपने बच्चो से भी मजदूरी करवानी पड़ रही है ये कोई शौक तो नहीं हो सकता जो सिर पर तसला लिए फोटो सूट में बच्चे स्कूल छोड़ पहुंच गए हो ये तो मज़बूरी ही दिखाई देती है
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार डिंडोरी जिले के विकासखंड बजाक के वनग्राम बौना में ऊंचाई वाले स्थान पर पेयजल आपूर्ति योजना के तहत ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु एक निर्माण कार्य में एक गैर सरकारी संस्था द्वारा ग्राम की नाबालिग बालिकाओं से मजदूरी कराए जाने का मामला सामने आया है
बैगाचक के वनग्राम बौना के दो ऐसे दुर्गम पहुंच वाले टोले मोहल्ले है जहां वॉटरएड संस्था के माध्यम से पेयजल आपूर्ति के लिए संरचना तैयार की जा रही रही है जिसके तहत ग्राम के टोले में स्टेनो पोस्ट बनाकर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने की कवायद की जा रही है पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु मोहल्लों में खुदाई के साथ पाइप लाइन बिछाने ,टैंक बनाने तथा इससे संबंधित अन्य कार्य भी किया जाने है परंतु इस निर्माण कार्य के शुरुवाती दौर में ही ग्राम की नाबालिग बच्चियों को मजदूरी करते देखा गया।बौना के नजदीक मुख्यमार्ग के किनारे एक सार्वजनिक पेयजल कूप स्थित है सोमवार को कुएं के प्लेटफार्म के निर्माण के दौरान हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला। जहां बैगा बसाहट वाले मोहल्ले की आधा दर्जन नाबालिग बच्चियों से मजदूरी का काम एक गैर सरकारी संस्था के कर्मचारी द्वारा मौजूद रहकर कराया जा रहा था बारह और पंद्रह साल तक की बालिकाएं पत्थर से भरे भारी तसले को सिर पर रखकर लंबी दूरी तय कर कुएं की पाट में लाकर लगातार डाल रही थी। वही संस्था के कर्मचारी ने इसके बाद बच्चियों को ईट ढुलाई का कार्य करने के लिए कहा ।ग्रामीणों के अनुसार कुएं में कार्य कर रही कुछ बालिकाएं स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं बताई गई है
यहां आश्चर्य जनक पहलू यह है कि जिस संस्था ने समाजसेवा का बीड़ा उठाया है और जिस पर गरीब बसाहट वाले दुर्गम और पहाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पानी की उपलब्धता और स्वच्छता का जिम्मा है उसी संस्था के कर्मचारियों द्वारा नाबालिग बच्चों से मजदूरी का कार्य कराया जा रहा है

इनका कहना है कि
जहां टोले की महिलाएं को नीचे से ऊपर चढ़ाई में पानी लेकर जाना होता है इसी को लेकर यह गवर्नमेंट मल्टी स्कीम है उसी कार्य को एनजीओ संस्था कर रही है जिसके तहत वॉटरएड स्टेनोपोस्ट पाइपलाइन एवं खुदाई का कार्य और 10 हजार लीटर टैंक बनाया जाना है हमारा काम लोगो की मदद करना हैं अगर वहां नाबालिक बच्चियों से काम लिया जा रहा है तो यह बिल्कुल गलत है यह नहीं होना चाहिए था ,,
बलवंत रंहगडाले
समाज सेवक वाटर ऐड संस्था