बांध से प्रभावित परिवारों की संख्या सरकारी दस्तावेजों से अधिक

रेवांचल टाइम्स – मंडला, मध्यप्रदेश सरकार ने मंत्रीमंडल की बैठक में अपर नर्मदा, राघवपुर और बसनिया बांध से प्रभावितों के पुनर्वास पैकेज बढ़ाने का निर्णय लिया है। तीनों बांध से प्रभावितों की कुल संख्या 13873 परिवार बताया गया है। जबकि सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी अनुसार बसनिया बांध से 2737 और राघवपुर बांध से लगभग 957 परिवार प्रभावित होने की बात कही गई है। इन दोनों बांधों से कुल प्रभावित परिवारों की संख्या 3694 होती है। क्या अकेले अपर नर्मदा बांध में 10,179 परिवार प्रभावित होने वाले हैं ? जबकि अपर नर्मदा बांध से मात्र मात्र 27 गांव प्रभावित हो रहा है। बताया गया है कि उसमें 4 गांव पूर्ण रूप से विस्थापित और 23 गांव आंशिक प्रभावित होंगे। ऐसा प्रतीत होता है कि बसनिया और राघवपुर में प्रभावित परिवारों की संख्या ज्यादा होने वाली है।
बांध का सरकारी सर्वे आमतौर पर कानूनी डूब क्षेत्र या भूमि अधिग्रहण सीमाओं के आधार पर प्रभावित गांवों की सूची बनाते हैं। कई बार बैकवाटर प्रभाव (पानी पीछे फैलने से) को ठीक से मापा नहीं जाता,कृषि भूमि, सड़कों, जंगलों और पीने के पानी के स्रोतों पर पड़ने वाले गैर-डूब प्रभाव को शामिल नहीं किया जाता,जिससे प्रभावितों की संख्या कम दिखती है। नर्मदा नदी पर बना पहला बरगी बांध में सैकड़ों किसानों की जमीन और मकान बिना भूमि अधिग्रहण के डूब में आ गया था। ऐसे सैंकड़ों किसानों का जमीन अधिग्रहण तो हो गया, परन्तु डूब में नहीं आया। किसान उन जमीनों की वापसी के लिए भटक रहे हैं।सरदार सरोवर बांध (जो नर्मदा नदी पर स्थित है और मध्यप्रदेश, गुजरात तथा महाराष्ट्र को प्रभावित करता है। प्रारंभ में मध्यप्रदेश में 192 गांव को प्रभावित बताया गया था, 45,000 से अधिक परिवारों के विस्थापन के साथ। बाद में सरकारी रिपोर्टों में प्रभावित गांवों की संख्या 193 से घटाकर 176 और प्रभावित परिवारों की संख्या भी घटा दी गई। कुछ प्रभावित परिवारों को सूची से बाहर करना पड़ा, जिससे उन्हें पुनर्वास और मुआवजा नहीं मिला। मण्डला व डिंडोरी जिलों में प्रस्तावित बसनिया बांध परियोजना के सर्वे के दौरान ग्रामीणों ने विरोध जताया कि सर्वे ग्राम सभा की अनुमति और वास्तविक प्रभावितों के न्यूनतम आकलन के बिना किया जा रहा है। स्थानीय लोग कहते हैं कि अगर सही सर्वे और चर्चा होती तो प्रभावित गाँवों और लोगों की कमी नहीं दिखाई देती। बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राज कुमार सिन्हा ने कहा कि बांध सर्वे केवल कानूनी सीमा तक नहीं, बल्कि “पूर्ण प्रभाव” को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने चाहिए। मध्यप्रदेश के हिस्से में प्रस्तावित 29 बड़े बांधों में से बन गए बांधों के कारण 625 गांवों के लगभग 96,500 परिवारों को विस्थापित या प्रभावित किया गया है। अप्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े लोग और भी अधिक प्रभावित हुए हैं।
राज कुमार सिन्हा
बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ