शासन प्रशासन की अनदेखी का शिकार पर्यटक स्थल रामनगर
पूर्व हादसों के बाद भी नहीं हुई सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की जान खतरे में
रेवांचल टाइम्स रामनगर मंडला |मंडला जिले का प्रसिद्ध पर्यटक एवं धार्मिक स्थल रामनगर आज भी शासन-प्रशासन की नजरों से दूर नजर आ रहा है। माँ नर्मदा के पावन तट पर स्थित यह स्थल मोतीमहल, रानीमहल एवं माँ रेवा दर्शन के लिए न केवल मंडला बल्कि बालाघाट, सिवनी, डिंडोरी एवं छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्कूली बच्चों को आकर्षित करता है।
इसके बावजूद सुरक्षा के नाम पर यहां शून्य व्यवस्था है। विगत वर्षों में स्नान के दौरान बाहर से आए कई लोग हृदय विदारक हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन आज तक उस स्थान पर न तो स्थाई फेंसिंग कराई गई और न ही बेरीकेटिंग की कोई व्यवस्था की गई है।चिंताजनक बात यह है कि जिस स्थान पर हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर आयोजन, आदिवासी उत्सव एवं अन्य बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, वहीं आम दिनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह उदासीन दिखाई देता है। वर्तमान में भी न तो यहां कोई घाट का निर्माण कराया गया है और न ही स्नान के लिए सुरक्षित क्षेत्र चिन्हित किया गया है।आगामी जनवरी माह में मकर संक्रांति एवं माँ नर्मदा जन्मोत्सव जैसे बड़े पर्व आने वाले हैं, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचेंगे। ऐसे में यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, तो किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता।स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने शासन प्रशासन से पुनः मांग की है कि खतरनाक क्षेत्र में स्थाई फेंसिंग एवं बैरीकेटिंग कराई जाए तथा सुरक्षित घाट का निर्माण किया जाए, ताकि स्नान के दौरान किसी और परिवार को अपूरणीय क्षति न उठानी पड़े।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है या फिर किसी और हादसे का इंतजार करता है।