अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर नोटिस जारी जवाब प्रस्तुत करने 7 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई अबैध कॉलोनी में कार्यवाही
अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का सख्त एक्शन
श्योपुर में 17 स्थानों पर अवैध कॉलोनी निर्माण, 16 कॉलोनाइजरों को नोटिस
7 जनवरी को जवाब तलब, नहीं पहुंचे तो होगी एकतरफा कार्रवाई
दैनिक रेवांचल टाइम्स | श्योपुर
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार एसडीएम श्योपुर गगन सिंह मीणा ने अवैध कॉलोनी निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने 17 स्थानों पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों के मामले में 16 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के लिए 7 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है।
📌 किन-किन लोगों को जारी हुए नोटिस
जारी नोटिस के अनुसार संबंधित व्यक्तियों द्वारा ग्राम रायपुरा, ढोढर, खोजीपुरा, जाटखेड़ा, जैदा एवं ग्वाड़ी में विभिन्न सर्वे नंबरों की भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित कर भू-खंडों का विक्रय किया जा रहा है।
प्रमुख रूप से नोटिस जारी किए गए व्यक्तियों में शामिल हैं:
- मनोज कुमार मित्तल
- धारा सिंह कुशवाह
- हरिशंकर
- आशाराम
- मांगीलाल नागर
- गिर्राज रावत
- त्रिलोक गोयल
- रामअवतार वैष्णव
- जसराम मीणा
- गिरिश कुमार गर्ग
- सिराज खान
- अशोक कुमार सर्राफ
- राकेश गोयल
- पुरुषोत्तम सिंहल
- जोयब अली
- जुगलकिशोर शर्मा
(सभी के विरुद्ध अलग-अलग सर्वे नंबरों एवं रकबा वाली भूमि पर कॉलोनी काटने का आरोप)
🏗️ मौके पर क्या मिला निरीक्षण में
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि:
- कच्ची गिट्टी-मोरम की सड़कें बनाकर
- छोटे-छोटे भूखंडों में प्लॉट काटे गए
- बिना किसी वैधानिक अनुमति के प्लॉट विक्रय किया जा रहा है
⚖️ इन कानूनों का नहीं किया गया पालन
जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित कॉलोनाइजरों ने:
- ❌ कालोनाइजर का पंजीकरण एवं लाइसेंस नहीं लिया
- ❌ म.प्र. ग्राम पंचायत (कालोनाइजर पंजीकरण नियम, 1999) का उल्लंघन
- ❌ म.प्र. ग्राम एवं नगर निवेश अधिनियम 1973 के तहत कॉलोनी अभिन्यास स्वीकृत नहीं कराया
- ❌ म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत भूमि का व्यपवर्तन नहीं कराया
- ❌ नजूल अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त नहीं किया
🚫 बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव
अवैध कॉलोनियों में:
- जल निकासी हेतु नालियों का निर्माण नहीं
- सीवर लाइन या सेप्टिक टैंक की व्यवस्था नहीं
- बिजली कनेक्शन की कोई वैधानिक व्यवस्था नहीं
- खेल मैदान जैसी अनिवार्य सुविधा भी नहीं
⏰ 7 जनवरी तक जवाब नहीं तो सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी नोटिसधारी 7 जनवरी को अपना जवाब प्रस्तुत करें।
👉 अनुपस्थित रहने या संतोषजनक जवाब नहीं देने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।