नगर निगम अलर्ट अब गंदा पानी दिया तो खैर नहीं, कमिश्नर ने दिए पाइप लाइनें उखाड़ने के निर्देश

बड़ा फैसला 20 साल पुरानी पाइप लाइनें बदली जाएंगी; 24 घंटे में करना होगा शिकायतों का निपटारा
*इंदौर की घटना से लिया सबक, शुद्ध पेयजल के लिए नगर निगम की बड़ी समीक्षा बैठक*
*रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा*
इंदौर में हाल ही में हुई दूषित जल की घटना के बाद नगर निगम प्रशासन पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। शनिवार को नगर निगम कार्यालय में आयुक्त सी.पी. राय ने जलप्रदाय विभाग की आपात समीक्षा बैठक ली। आयुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शहर की जल वितरण व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं।
हेल्पलाइन नंबर यहाँ दर्ज कराएं अपनी शिकायत
जल आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या या गंदे पानी की शिकायत के लिए निगम ने दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं
कंट्रोल रूम नंबर 7162222346
महापौर हेल्पलाइन 7610203037
*कमिश्नर के कड़े निर्देश*
नाली में दिखने वाली पाइप लाइन तुरंत हटेगी
बैठक के दौरान आयुक्त सी.पी. राय ने अधिकारियों को स्पष्ट रोडमैप दिया है
*नालियों से हटेंगे कनेक्शन*
वार्डों में नालियों के भीतर से गुजरने वाली पाइप लाइनों और निजी कनेक्शनों को तुरंत चिन्हित कर बाहर किया जाएगा, ताकि संक्रमण का खतरा खत्म हो।
7 दिन में सर्वे अगले सात दिनों के भीतर पूरी पाइप लाइन का सर्वे कर लीकेज और टूट-फूट की रिपोर्ट पेश करनी होगी।
पुरानी पाइप लाइनें होगीं रिटायर 20 साल से अधिक पुरानी जर्जर लाइनों को चिन्हित कर उन्हें बदलने (रिप्लेसमेंट) का प्रस्ताव मांगा गया है।
3 घंटे में एक्शन सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत मिलते ही 3 घंटे के भीतर स्थल निरीक्षण और 24 घंटे में समस्या का समाधान अनिवार्य होगा।
*पानी की शुद्धता पर जोर हर हफ्ते होगा आर्सेनिक टेस्ट*
अब केवल क्लोरीन डालना काफी नहीं होगा। आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि जल की गुणवत्ता जांचने के लिए कोलीफॉर्म और आर्सेनिक टेस्ट हर सप्ताह किए जाएं। वहीं, अन्य सामान्य जल परीक्षण प्रतिदिन किए जाएंगे। क्लोरीन डोजिंग की निगरानी भी बढ़ा दी गई है ताकि घरों तक पहुँचने वाला पानी पूरी तरह सुरक्षित हो।
बैठक में ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में कार्यपालन यंत्री हिमांशु अतुलकर, सहायक यंत्री विवेक चौहान, इंजीनियर भानु सूर्यवंशी, रोहित सूर्यवंशी सहित वार्डों के वाल्वमैन, प्लंबर और सुपरवाइजर उपस्थित रहे। आयुक्त ने चेतावनी दी है कि फील्ड स्टाफ की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।