खेल प्रतिभाओं का गला घोंटता सिस्टम
कबाड़ में तब्दील महात्मा गांधी स्टेडियम
पूरे जिले में खेल ढांचा बदहाल, खिलाड़ी हताश
रेवांचल टाइम्स – मंडला। मध्य प्रदेश सरकार भले ही खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन मंडला जिले की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। जिले में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के बजाय खेल मैदानों को धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होने दिया जा रहा है।
सबसे शर्मनाक स्थिति जिला मुख्यालय मंडला स्थित महात्मा गांधी स्टेडियम की है। वर्षों पहले शुरू हुआ इसका निर्माण आज तक अधूरा है। रखरखाव के नाम पर सिर्फ उपेक्षा मिली है। टूटी-फूटी संरचनाएं, उखड़ा मैदान, बुनियादी सुविधाओं का अभाव—यह स्टेडियम आज खेल का केंद्र नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का स्मारक बन चुका है।
सुविधाएं शून्य, जिम्मेदारी कौन लेगा?
स्टेडियम में न दर्शक दीर्घा की समुचित व्यवस्था है, न खिलाड़ियों के लिए सभी तरह की व्यवस्था। अधूरा निर्माण वर्षों से फाइलों में घूम रहा है, लेकिन उसे पूरा करने की इच्छाशक्ति किसी में नहीं दिखती।
ग्रामीण अंचलों में खेल मैदान ही नहीं
हालात सिर्फ जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं हैं। संपूर्ण मंडला जिले में खेल मैदानों की दुर्दशा बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो स्थिति और भी गंभीर है—
अधिकांश गांवों में खेल मैदान हैं ही नहीं। जहां हैं भी, वहां झाड़ियां, अतिक्रमण और गड्ढों का राज है।
नगर और गांव—दोनों स्तरों पर खेल मैदानों की कमी दूर करने के लिए कोई ठोस योजना या प्रयास नजर नहीं आते।
खिलाड़ियों में बढ़ता आक्रोश
खेल सुविधाओं के अभाव में जिले के खिलाड़ी अभ्यास से वंचित हैं। प्रतिभाएं या तो दम तोड़ रही हैं या मजबूरन जिले से बाहर पलायन कर रही हैं। खिलाड़ियों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है।
जन अपेक्षा और सीधी मांग
अब जनता और खिलाड़ी खुलकर मांग कर रहे हैं—
महात्मा गांधी स्टेडियम का अधूरा निर्माण तत्काल पूरा किया जाए
स्टेडियम के रखरखाव और सुविधाओं की जवाबदेही तय हो
नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नए खेल मैदानों का निर्माण किया जाए
पुराने मैदानों का पुनर्विकास और संरक्षण हो
खेल प्रतिभाओं को अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं
यदि अब भी शासन-प्रशासन नहीं जागा, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि मंडला में खेलों का भविष्य उपेक्षा और उदासीनता की भेंट चढ़ा दिया गया है। खिलाड़ी अब वादे नहीं, मैदान पर परिणाम चाहते हैं।