जन स्वास्थ्य अभियान का अलर्ट: इंदौर की दूषित जल आपूर्ति पर केंद्र और राज्य को चेताया

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जन स्वास्थ्य अभियान, मध्यप्रदेश ने आज इंदौर शहर के दूषित पेयजल आपूर्ति के मुद्दे पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटील, लोक स्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग मंत्री, और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखा

 

*जन स्वास्थ्य अभियान मध्यप्रदेश की मांग : पूरे देश पेयजल व्यवस्था में सुधार की मांग

 

*दूषित पेयजल से मौतें – भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) रिपोर्ट किए गए  गंभीर खुलासों और उनकी अनुशंसाओं की अनदेखी का नतीजा*

 

इंदौर/ भोपाल 3 जनवरी 2026

 

रेवांचल टाइम्स  – यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है कि “स्वच्छ शहर” के रूप में चर्चित इंदौर में दूषित पानी पीने से लगातार मौते हो रही है। खबरों के अनुसार अभी तक 15 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

 

लगातार हो रही मौतों, हमारी व्यवस्थागत कमजोरी और वर्षों से ज्ञात कमियों के साथ ही भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) रिपोर्ट संख्‍या 3/2019 में इंदौर एवं भोपाल की जलप्रदाय व्‍यवस्‍था के बारे में किए गए  गंभीर खुलासों और उनकी अनुशंसाओं को अनदेखा करना है।

 

*रिपोर्ट प्रमुख अंश थे*

 

इन शहरों में वर्ष 2013 और 2018 के बीच 5.45 लाख जल जनित बीमारियों के केस रिपोर्ट हुए थे क्‍योंकि भोपाल के 3.62 लाख परिवारों को और इंदौर के 5.33 लाख (कुल 8.95 लाख) परिवारों को शुध्‍द पेयजल प्रदाय नहीं किया जा रहा था। इस दौरान इन शहरों से लिए गए 4,481 नमूने पीने लायक नहीं पाए गए थे।

 

लीकेज कंट्रोल की शिकायत मिलने पर ये नगर निगम उसका निराकरण में करने में 22 से लेकर 108 दिन तक का समय लगा रहे थे। ऐसे में लोगों की जान कैसे बचाई जा सकती है?

 

ओवर हेड टंकियों की निमयमित सफाई करने का तंत्र अस्तित्‍व में नहीं था।

 

इंदौर और भोपाल दोनों नगर निगमों में, कोई वॉटर ऑडिट नहीं किया गया था। इसलिए, वॉटर सप्लाई सिस्टम का असल मूल्यांकन पता नहीं लगाया जा सका।

 

रिपोर्ट के अनुसार कुल कच्चे पानी की सप्लाई के मुकाबले वितरण के लिए उपलब्ध पानी का नुकसान 65 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक था। इससे पानी की सप्लाई के खराब मैनेजमेंट सिस्टम का पता चलता है।

 

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 31 मार्च 2021 को समाप्त वर्ष के लिए जारी रिपोर्ट क्रमांक 2 के पृष्ठ क्रमांक 32 के अनुसार, ट्रायल रन पीरियड शुरू होने के बाद हर सोर्स से पानी का सैंपल डिस्ट्रिक्ट/ब्लॉक लेबोरेटरी में कम से कम 15 दिनों में एक बार टेस्ट किया जाना चाहिए था। परंतु ऑडिट ने पाया गया कि तय समय पर पानी की क्वालिटी के टेस्ट नहीं किए जा रहे थे।

जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया के साथी अमूल्य निधि ने कहा कि CAG जैसे महत्वपूर्ण संस्थान की जन स्वास्थ्य विषयों पर किया गए गहन ऑडिट और लोगों की जिंदगी बचाने के लिए की गई अनुशंसाओं को नजरंदाज करना एक गंभीर अपराध है। क्योंकि इसका खामियाजा हमने 15 लोगों की जान देकर भुगता है।

जन स्वास्थ्य अभियान, मध्यप्रदेश ने आज इंदौर शहर के दूषित पेयजल आपूर्ति के मुद्दे पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटील, लोक स्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग मंत्री, और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर देश एवं प्रदेश की जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग के साथ ही CAG रिपोर्ट में किए गए खुलासों के आधार पर पूरे देश और प्रदेश में पेयजल व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

 

पत्र में की गई प्रमुख मांगे:

 

1. इंदौर सहित प्रदेश के सभी शहरों में वार्ड वार स्वतंत्र एवं प्रामाणिक प्रयोगशालाओं से प्रतिवर्ष जल गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य किया जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

 

2. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रत्येक निश्चित आवृत्ति से जल गुणवत्ता का परीक्षण कर उस पर निगरानी रखे।

 

3. जल परीक्षण के नमूना संग्रहण सभी जल स्त्रोतों, सार्वजनिक नल और कुछ चयनित घरों से लिए जाए।

 

4. CAG की रिपोर्ट संख्‍या 3/2019 के अनुसार इन शहरों में वर्ष 2013 और 2018 के बीच 5.45 लाख जल जनित बीमारियों के केस रिपोर्ट हुए थे। स्वास्थ्य विभाग पिछले एक वर्ष में जल जनित रोगों की विस्तृत रिपोर्ट शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की अलग अलग जारी करे।

 

5. ग्रामीण क्षेत्र में नल जल योजना का क्रियान्वयन हो रहा है इसलिए प्रत्येक वर्ष पंचायत स्तर पर जल परीक्षण अनिवार्य किया जाए।

 

6. आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में 440 बसाहटों के 238963 लोगों को स्वच्छ पीने का पानी की स्थायी व्यवस्था की जाए।

 

7. जलप्रदाय पाइप लाइन और सिवेज लाइन को पूरे प्रदेश में प्रथक लिया जाए।

 

8. सरकार भारतीय सार्वजनिक जल मानक तैयार करे और लागू करे।

 

9. वार्ड-स्तर पर नियमित जल गुणवत्ता निगरानी एवं सार्वजनिक सूचना प्रणाली विकसित की जाए।

 

10. मध्यप्रदेश जल नीति जारी की जाए।

 

11. प्रदेश के सभी शहरों और कस्बों में पानी, हवा और स्वास्थ्य ऑडिट किया जाए।

स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल के साथ ही शुद्ध हवा और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण नागरिकों का मौलिक अधिकार है।

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सादर,

अमूल्य निधि, विवेक पवार, सुधा तिवारी, राजकुमार सिन्हा, डॉ. जी डी वर्मा, राहुल यादव

जन स्वास्थ्य अभियान म.प्र.

9425311547, 9821253773

8770058897 विवेक पवार

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