सुशासन’ की बंसी बजाते मोहन सरकार पर गंभीर सवाल…!

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गुंडों की JCB से उजाड़ी महिला की रोज़ी-रोटी

दबंग ने “खरीद” लिया राजस्व विभाग, पुलिस बनी मूक दर्शक

रेवांचल टाइम्स – मंडला। एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करती नहीं थकती, दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत यह है कि दबंग, माफिया और गुंडों के इशारों पर गरीब महिलाओं की रोज़ी-रोटी बेरहमी से छीनी जा रही है। मंडला जिले से सामने आया मामला न सिर्फ प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करता है, बल्कि पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा करता है।
तहसील नैनपुर अंतर्गत ग्राम परसवाड़ा की गरीब महिला अनीता यादव के साथ जो हुआ, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। आरोप है कि नैनपुर तहसील के ग्राम पाठा सिहोरा में मंडला निवासी कपिल कछवाहा और उसके 10–15 गुंडों ने अपनी निजी JCB मशीन लगाकर महिला की अर्धनिर्मित दुकान को जबरन तोड़ दिया।
सबसे गंभीर बात यह है कि इस अवैध और गुंडागर्दी भरी कार्रवाई के पीछे राजस्व विभाग और पिंडरई पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है।
पीड़िता के अनुसार, दुकान तोड़ने से पहले न तो विधिवत नोटिस दिया गया, न ही महिला को अपना पक्ष रखने का अवसर मिला।
एक साल से लटकाई गई शिकायत, अचानक चला हथौड़ा
महिला अनीता यादव पिछले करीब एक साल से पुलिस, एसपी, कलेक्टर और जनसुनवाई के चक्कर काट रही थी, लेकिन हर बार उसे सिर्फ आश्वासन मिले—न्याय नहीं।
आरोप है कि मामला जानबूझकर राजस्व विभाग में लटकाया गया, ताकि दबंग अपने हिसाब से खेल खेल सके।
17 अप्रैल को कोटवार के माध्यम से अचानक संदेश भिजवाया गया—
“दुकान हटा लो, वरना तोड़ दी जाएगी।”
महिला समय मांगती रही, गुहार लगाती रही, लेकिन राजस्व निरीक्षक और पुलिस ने दबंग के सामने घुटने टेक दिए।
दस्तावेज कुछ और, कार्रवाई कुछ और
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि ग्रामवासियों के अनुसार
दस्तावेजों के अनुसार
और केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना (ड्रोन सर्वे) के अनुसार
दुकान शासकीय भूमि पर स्थित थी।
यदि अतिक्रमण हटाना ही था, तो नियमों के तहत शासकीय कार्रवाई होती, सरकारी अमला मशीन लगाता, पंचनामा बनता—लेकिन यहां तो दबंग की जमीन मानकर, दबंग की मशीन से, दबंग के गुंडों द्वारा दुकान तोड़ी गई।
सवाल यह है—
क्या अब कानून निजी JCB से चलेगा?
क्या राजस्व विभाग दबंगों का दलाल बन चुका है?
क्या गरीब महिला होना सबसे बड़ा अपराध है?
जनता में उबाल, सरकार से सीधी मांग
इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। लोग खुलकर कह रहे हैं कि
राजस्व निरीक्षक को तत्काल निलंबित किया जाए
कपिल कछवाहा और उसके गुंडों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो
पिंडरई पुलिस की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच हो
पीड़ित महिला को तत्काल न्याय और मुआवजा दिया जाए
यदि अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह साफ हो जाएगा कि मध्य प्रदेश में महिलाओं का सम्मान सिर्फ पोस्टर और भाषणों तक सीमित है, ज़मीन पर नहीं।
यह मामला सिर्फ एक महिला की दुकान का नहीं, बल्कि सुशासन के दावों की सरेआम चीरफाड़ है।

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