जन स्वाभिमान यात्रा का चुटका आगमन चुटका के ग्रामीणों ने संघर्ष का संकल्प दोहराया

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रेवांचल टाईम्स – मंडला, ज़िले में जन संघर्ष मोर्चा महाकौशल द्वारा 9 जून को बालाघाट से निकाली गई‘जन स्वाभिमान यात्रा’कल चुटका परमाणु परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों के बीच पहुंची। ग्रामीणों ने यात्रा का आत्मीय स्वागत किया। चुटका से पहले जन स्वाभिमान यात्रा बरगी बांध से विस्थापित गांव पाठा विकास खंड नारायणगंज पहुंचा, जहां बरगी जलाशय के मछुआरों के साथ चर्चा हुआ। मछुआरों ने बताया कि जलाशय में मत्स्य उत्पादन बहुत ही कम हो गया है। इसलिए मछुआरा रोजगार के लिए बाहर पलायन को बाध्य है। मत्स्य उत्पादन में गिरावट को लेकर राज्य सरकार से लगातार अध्ययन हेतु अनुरोध किया जा रहा है। परन्तु सरकार के तरफ से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।दूसरी ओर बरगी जलाशय में कार्यरत 45 मछुआरा सहकारी समिति में से 5 मछुआरा समितियों के 187 मछुआरा सदस्य चुटका परियोजना के सुरक्षा कारणों से जलाशय में मत्स्याखेट करने से वंचित हो जाएंगे। जिनके पास रोजगार का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दादु लाल कुङापे ने यात्रा में शामिल प्रतिनिधियों को बताया कि इस चुटका परमाणु परियोजना को केंद्र सरकार द्वारा 2009 में सैद्धांतिक मंजूरी मिला था।तब से आसपास के दर्जनों गांव इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं। क्योंकि विकास के नाम बरगी बांध बनने की कीमत हम लोगों ने मजदूर बनकर चुकाया है। सभी विरोधों को दरकिनार करते हुए जबलपुर कमिश्नर द्वारा 11 दिसम्बर 2015 को परियोजना के पक्ष में अवार्ड पारित कर दिया गया। जमीन का मुआवजा लगभग 3.75 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया है, जो हमलोगों को अमान्य है। चुटका परमाणु विरोधी महिला मोर्चा की अध्यक्ष मीरा बाई मरावी ने बताया कि ग्राम पंचायत पाठा के अन्तर्गत ग्राम चुटका की ग्राम सभा ने दिनांक 16 मार्च 2012 को 26 मांगों की शर्तें पूरी हाने पर सशर्त मंजूरी दिया था। जिसमें पहला मांग था कि अर्जित भूमि का मुआवजा 60 लाख रुपये हेक्टेयर दिया जाए।जो नर्मदा घाटी में सरदार सरोवर बांध के किसानों को उच्चतम न्यायालय के आदेश पर दिया गया है।प्रत्येक विस्थापित परिवार को कृषि योग्य 5 एकङ जमीन दिया जाए।समस्त विस्थापित परिवारों के वयस्क बेरोजगार लङका और लङकी को उसकी योग्यता के अनुसार शासकीय नौकरी प्रदान की जाए।इसी सशर्त मंजूरी को परियोजना वाले मंजूरी मान लिया। परन्तु 13 साल बाद भी आजतक इस पर अमल नहीं किये जाने पर ग्रामीणों ने न्याय मिलने तक गांव नहीं छोङने का फैसला लिया है और हमलोग अंतिम दम तक संघर्ष करेंगे। बैठक के अंत में जन संघर्ष मोर्चा के विवेक पवार ने चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति द्वारा चलाए जा रहे संघर्षों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मंडला जिले में विस्थापन और पलायन के खिलाफ एकजुट होना होगा।इस कार्यक्रम में गेहबर सिंह बरकङे,डूमारी लाल बरकङे, बराती लाल बरकङे, सुभाष बर्मन, सीताराम बर्मन, मुन्ना बर्मन, बैजन्ती बाई बरकङे,पराग बाई कुंजाम,बबली बाई बरकङे,सरीता बाई बरकङे, दयावती बरकङे और बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राज कुमार सिन्हा, अतुल बंजारा, अनुराग सिंगोर आदि शामिल थे।
दादु लाल कुङापे
अध्यक्ष
चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति

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