अंन्यदाता परेशान धान खरीदी केंद्र में किसानों से जम के चल रही है, खुली उगाही

सिझोरा केंद्र पर पैसे बिना दिए नहीं हो रही धान की खरीदी, वीडियो वायरल किसानों से सरेआम माँग रहें है पैसा...

दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, सरकार द्वारा किसानों की सुविधा और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए खोले गए खरीदी केंद्रों पर ही किसानों का शोषण किया जा रहा है। ग्राम सिझोरा में स्थित खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवम उपभोक्ता संरक्षण विभाग मध्यप्रदेश ख़रीफ़ विपणन वर्ष 2025- 2026 उपार्जन केंद्र का क्रमांक नम्बर 59335166 उपार्जन संस्था का नाम बी पैक्स सिझोरा उपार्जन केंद्र प्रभारी का नाम योगेश सिंगोर के केन्द्र में अपने लड़के के माध्यम से धान खरीदी केंद्र में किसानों से खुलेआम अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

वही किसानों का आरोप है कि धान खरीदी केंद्र प्रभारी द्वारा अपने निजी लड़कों को लगाकर किसानों से पैसे की मांग की जा रही है। बिना “चढ़ावे” के न तो तौल समय पर हो रही है और न ही धान स्वीकार किया जा रहा है। मजबूरी में कई किसानों को धान बेचने के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है।

इस पूरे मामले से जुड़ा एक उगाही का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें केंद्र पर मौजूद लोगों द्वारा किसानों से पैसे लेते हुए स्पष्ट देखा जा सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद भी अब तक संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

वही किसानों का कहना है कि वे पहले ही मौसम, खाद और लागत की मार झेल रहे हैं, ऐसे में खरीदी केंद्र पर इस तरह की लूट उनके लिए दोहरी मार साबित हो रही है। कई किसान घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।

वही किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है धान ख़रीदी कभी तोलाई या ख़राब धान कह कर तय मात्रा से अधिक ले रहे है और पैसा न देने पर अच्छी धान को भी खराब बताया कर भगा दिया जाता हैं और फिर खुल्लमखुल्ला पैसों की बात की जाती है, धान खरीदी केंद्रों पर किसानों से हो रही अवैध वसूली न केवल शासन की मंशा के खिलाफ है, बल्कि यह अन्नदाता के साथ सीधा अन्याय भी है। यदि वायरल वीडियो के आधार पर तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे किसानों का विश्वास पूरी व्यवस्था से उठ जाएगा। अब आवश्यकता है कि प्रशासन सख्ती दिखाते हुए ऐसे भ्रष्ट तत्वों पर तुरंत कार्रवाई करे, ताकि धान खरीदी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बन सके।

Leave A Reply

Your email address will not be published.