अतिथि शिक्षक या रोड ठेकेदार? ग्राम पंचायत कुसमी में नियमों की उड़ती धज्जियाँ
अतिथि शिक्षक या रोड ठेकेदार?
ग्राम पंचायत कुसमी के अजब-गजब कारनामे
रेवांचल टाइम्स, मंडला।आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सरपंच-सचिव और जिम्मेदार अधिकारी नए-नए तरीके खोजकर शासकीय योजनाओं में सेंध लगाने में जुटे हैं। हैरानी की बात यह है कि शिकायतों के बावजूद न तो प्रशासन गंभीरता दिखा रहा है और न ही जांच एजेंसियां, बल्कि जांच के नाम पर लीपापोती कर जिम्मेदार अपनी जेब भरते नजर आ रहे हैं।
वही तहसील मुख्यालय के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कुसमी इन दिनों इन्हीं कारणों से विवादों में घिरी हुई है। जानकारी के अनुसार नवीन ग्राम पंचायत भवन निर्माण में आठ कॉलम गायब कर दिए गए, जो निर्माण की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
वहीं दूसरी ओर खेरमाई मंदिर के सामने बन रही सड़क में और भी चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां एक अतिथि शिक्षक ही ठेकेदार बन बैठे और सड़क निर्माण के नाम पर 55 हजार रुपये की राशि का आहरण कर लिया गया। पूरे मामले में सरपंच सचिव और रोजगार सहायक सहित उपयंत्री की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है, जो सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं और इस तरह भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण मिल रहा है।
वही स्थानीय ग्रामीणों में इस पूरे मामले को लेकर भारी रोष है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्राम पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
वही जनपद पंचायत घुघरी की ग्राम पंचायत कुसमी में सामने आए ये मामले स्पष्ट रूप से प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हैं। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन कब तक आंखें मूंदे रहता है या फिर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई कर जनता का विश्वास बहाल करता है।
वही जब रेवांचल की टीम ने ग्राम पंचायत कुसमी के प्रताब धुमकेती सचिव और हरिश्चन्द्र यादव अतिथि शिक्षक जो ठेकेदार बन बैठे है इन पर लगे आरोपों के संबंध में इनका पक्ष जाना चाहा तो इनके मोबाईल पर घण्टी बजती रही पर इन्होंने फोन नही उठाया फोन नही उठने या संपर्क न होने के कारण इनका पक्ष नही रखा जा सका ।