स्कूल नहीं, मंडी बना दिया गया! बच्चों की जान जोखिम में, धान खरीदी तंत्र बेलगाम

शासकीय विद्यालय और छात्रावास का खेल मैदान बना धान खरीदी केंद्र, प्रशासन की चुप्पी से पनप रहा भ्रष्ट तंत्र

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दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, आदिवासी बहुल्य जिले में जिला प्रशासन और जिम्मेदारो की शिकार आज हर आम जनता से लेकर बच्चे तक हो रहे है और रसूखदारों ने आज हर शासकीय संपति पर अपना कब्जा जमा ने कोशिशें की जा रहा है और जिम्मेदार केवल मौन साधे बैठे हुए है।
वही जिस स्थान पर बच्चों को किताबें पकड़नी थीं, वहाँ आज धान के बोरे और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दौड़ रही हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर माँगा जनपद पंचायत भुआ बिछिया एवं बालक छात्रावास का खेल मैदान धान खरीदी केंद्र में तब्दील कर दिया गया है। यह न केवल नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा अपराध भी है।
वही धान खरीदी के नाम पर स्कूल परिसर में दिनभर भारी वाहनों का आवागमन जारी है। छोटे-छोटे छात्र-छात्राएं ट्रकों और ट्रॉलियों के बीच से जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। खेल मैदान, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र होना चाहिए था, आज भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़ चुका है।
सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि यह सब कुछ प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है। शिक्षा विभाग, खाद्य विभाग और जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी या तो जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं या फिर इस अव्यवस्था में उनकी मौन सहमति शामिल है। सवाल यह उठता है कि आखिर किसके संरक्षण में विद्यालय परिसर को खरीदी केंद्र बनाया गया?
स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने कई बार आपत्ति जताई, लेकिन धान खरीदी केंद्र के प्रभारी अपनी मनमानी पर उतारू हैं। नियमों के अनुसार खरीदी केंद्र स्कूल, छात्रावास और भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर होने चाहिए, लेकिन यहां नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं।
यदि किसी दिन कोई छात्र वाहन की चपेट में आ गया, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या तब भी प्रशासन जांच के नाम पर लीपापोती करेगा?
वही यह मामला सिर्फ अव्यवस्था का नहीं, बल्कि संगठित लापरवाही और भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत का है। स्कूल को मंडी बनाकर बच्चों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है। जिला प्रशासन यदि अब भी मौन रहा, तो यह साफ माना जाएगा कि इस अवैध व्यवस्था को उसकी मौन स्वीकृति प्राप्त है। अब वक्त आ गया है कि प्रशासन दिखावे की कार्रवाई छोड़कर खरीदी केंद्र को तत्काल विद्यालय परिसर से हटाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करे — वरना जनआक्रोश फूटना तय है।

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