यातायात जागरूकता या दिखावा? घुघरी में नियम सिर्फ दोपहिया पर, ओवरलोड वाहनों को खुली छूट

103

पुलिस अधीक्षक महोदय, यह कैसा यातायात जागरूकता अभियान? नियम केवल दोपहिया पर, मासूमों की जान भगवान भरोसे अंदर से लेकर ऊपर तक बैठा रहें है सवारी
घुघरी थाना क्षेत्र में अभियान फेल, ओवरलोड वाहनों को खुली छूट, पुलिस की दोहरी कार्यप्रणाली उजागर

रेवांचल टाइम्स – मंडला,पुलिस अधीक्षक आपके निर्देशन में जिले में यातायात जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन घुघरी थाना क्षेत्र की जमीनी हकीकत इस अभियान को पूरी तरह फेल साबित कर रही है। यहां नियम और कार्रवाई केवल दोपहिया वाहन चालकों तक सीमित कर दी गई है, जबकि ओवरलोड तीन पहिया और चार पहिया वाहनों को खुलेआम अभयदान दिया जा रहा है।
घुघरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सलवाह चौकी के साप्ताहिक बाजार में हर शनिवार यातायात नियमों की धज्जियां उड़ती नजर आती हैं। वाहनों के ऊपर तक सवारियां बैठाई जाती हैं, गोद में छोटे-छोटे मासूम बच्चे लेकर लोग जान जोखिम में सफर कर रहे हैं। यह दृश्य किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण है, लेकिन न थाना प्रभारी की नजर पड़ती है और न चौकी प्रभारी की।
सवाल यह है कि पुलिस अधीक्षक महोदय,
क्या यातायात नियम सभी के लिए समान नहीं हैं?
क्या ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने का अधिकार स्थानीय पुलिस को नहीं है?
या फिर यह चयनात्मक कार्रवाई जानबूझकर की जा रही है?
स्थानीय लोगों और यात्रियों का आरोप है कि दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और कागजात के नाम पर सख्ती दिखाई जाती है, वहीं दूसरी ओर ओवरलोड वाहनों से कथित रूप से नजरें फेर ली जाती हैं। इससे पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
और इससे भी गंभीर आरोप यह है कि जब इन अनियमितताओं की जानकारी थाना प्रभारी को दी जाती है, तो झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है। “किसी को नहीं दिखता, सिर्फ तुम्हें ही दिखता है” जैसे शब्द अब कानून के रक्षक के मुंह से निकलना पुलिस की छवि को गहरा आघात पहुंचाते हैं। सच दिखाना और लिखना आज जिले में पत्रकारों के लिए डर का कारण बनता जा रहा है।
जब इस संबंध में थाना प्रभारी घुघरी पूजा बघेल से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन कॉल रिसीव नहीं किया। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब थाना प्रभारी ही फोन उठाना उचित नहीं समझतीं, तो आम नागरिक अपनी शिकायत किससे और कैसे करेगा?
अनुविभागीय अधिकारी का बयान
इस मामले में एसडीओपी बिछिया सौरभ तिवारी ने कहा—
“आपके द्वारा भेजा गया वीडियो मेरे संज्ञान में आया है। गाड़ी नंबर भी दिख रहा है। तस्दीक करवा लेता हूं, नंबर के आधार पर कार्रवाई करवाई जाएगी। जागरूकता अभियान चल रहा है।”

सीधा निवेदन पुलिस अधीक्षक से

पुलिस अधीक्षक, घुघरी थाना क्षेत्र में यातायात जागरूकता अभियान केवल कागजों और फोटो तक सीमित नजर आ रहा है। जब तक ओवरलोड वाहनों, बाजार क्षेत्रों और बच्चों की सुरक्षा पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह अभियान जनता की नजर में खोखला ही रहेगा। यदि किसी दिन किसी मासूम की जान गई, तो उसकी नैतिक जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस के साथ-साथ जिला पुलिस प्रशासन पर भी आएगी।
अब यह खबर केवल सवाल नहीं, बल्कि चेतावनी है —
या तो नियम सबके लिए समान हों,
या फिर जनता यह मानने को मजबूर होगी कि कानून कमजोरों के लिए ही बनाया गया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.