दैनिक रेवांचल टाइम्स की खबर का हुआ असर…..

फर्जी तालाब गबन मामले में पटवारी सुश्री कृति शिव को तहसीलदार का कारण बताओ नोटिस जारी.....

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तीन दिवस के भीतर मांगा जवाब…..
दैनिक रेवांचल टाइम्स, सिवनी -केवलारी इन दोनों भ्रष्ट और भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए सरकार अथक प्रयासों में लगी हुई है वही भ्रष्टाचार हावी होते नजर आ रहा है सरकार की जनकल्याणकारी योजना जमीनी हकीकत में तोड़ रही है दम वहीं को जिम्मेदार अपने और अपने चाहे हितों का जेब भर रहे हैं अपने पद का दुरुपयोग कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लगा रहे हैं चुनाव ऐसे ही मामला केवलारी जनपद के अंतर्गत एवं केवलारी राजस्व के अंतर्गत सामने आया है कि ग्राम पंचायत ढुटेरा का है जहां शासकीय राशि का दुरुपयोग कर भारी अनियमितताओं के साथ खेला जा रहा है खेल एवं अपने पद का दुरुपयोग कर सचिव सरपंच पटवारी की मनमानी द्वारा की मिली भगत से हुआ
भ्रष्टाचार दैनिक रेवांचल टाइम्स समाचार ने उक्त भ्रष्टाचार को लेकर प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया था जिसके चलते प्रशासन में मामला संज्ञान में लेते हुए पटवारी को एवं संबंधित सचिव सरपंच एवं अन्य सम्बंधित अधिकारियों सभी को नोटिस जारी हुआ है एवं तीन दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है। वहीं दूसरी ओर के
केवलारी तहसील के ग्राम ढुटेरा (पांजरा) में शासकीय वन भूमि पर फर्जी निजी तालाब दर्शाकर मनरेगा की राशि के गबन के मामले में तहसीलदार केवलारी ने आरोपी पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस में जवाब तलब किया है।
यह कार्रवाई उस समय सामने आई है, जब अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) की जांच रिपोर्ट में पहले ही गबन और कूट-रचना की पुष्टि हो चुकी थी, लेकिन लंबे समय तक प्रशासनिक चुप्पी सवालों के घेरे में थी।एसडीएम रिपोर्ट के बाद भी चुप था तंत्र एसडीएम केवलारी की जांच रिपोर्ट (प्रतिवेदन क्रमांक 1996, दिनांक 30/12/2025) में यह स्पष्ट उल्लेख है कि खसरा नंबर 284 शासकीय वन भूमि है, जिस पर अवैध रूप से तालाब निर्माण दर्शाकर सरकारी धन का आहरण किया गया। जांच में पटवारी कृति शिव, सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।
इसके बावजूद न तो तत्काल निलंबन हुआ और न ही एफआईआर दर्ज की गई, जिससे यह संदेश गया कि दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

*खबर के बाद जागा राजस्व अमला….*

उक्त सम्बन्ध में दैनिक रेवांचल टाइम्स समाचार पत्र द्वारा मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद तहसीलदार केवलारी ने पटवारी कृति शिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि—
पटवारी द्वारा जानबूझकर वन भूमि को निजी भूमि दर्शाया गया
गलत नजरी नक्शा और भ्रामक स्थल प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया
शासकीय अभिलेखों में हेराफेरी कर वित्तीय भ्रष्टाचार और वन अपराध को अंजाम दिया गया
नोटिस में यह भी उल्लेख है कि उक्त कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1)(2)(3) का उल्लंघन है तथा भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत धोखाधड़ी और कूटरचना की श्रेणी में आता है।

*तीन दिन में जवाब, नहीं तो एकपक्षीय कार्रवाई….*

तहसीलदार द्वारा जारी नोटिस में आरोपी पटवारी को तीन दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब असंतोषजनक होने या प्रस्तुत न होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

*अब सवाल यह उठता है कि…*

अब भी बड़े सवाल बरकरार हालांकि नोटिस जारी होना प्रशासनिक हलचल का संकेत है, लेकिन अब भी कई अहम सवाल बाकी हैंजब एसडीएम जांच में गबन सिद्ध हो चुका है, तो अब तक निलंबन क्यों नहीं?
एफआईआर दर्ज करने में देरी किसके दबाव में?
पंचायत अमले के अन्य दोषियों पर कब गिरेगी गाज?

*इस संबंध में इनका कहना है कि….*
यह कार्रवाई खबर के दबाव का नतीजा है। यदि अब भी दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई और एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो मैं कमिश्नर और मुख्यमंत्री तक मामला ले जाऊंगा।”
*शिकायतकर्ता आकाश नामदेव….*

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