.अयोध्या एवं जबलपुर में सफल मंचन के बाद सम्मान समारोह हुआ कलाकारों का सम्मान

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श्रांत चंदेल बने श्री रामलीला के मुख्य निर्देशक..

*सर्वसम्मति से किया गया मनोनित*

**रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा*अयोध्या एवं जबलपुर में आयोजित रामलीला कार्यक्रमों की ऐतिहासिक सफलता के उपरांत स्थानीय श्री राम मंदिर परिसर में श्री रामलीला मंडल छिंदवाड़ा द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दोनों आयोजनों में सहभागी रहे सभी कलाकारों को समिति के पदाधिकारियों एवं संरक्षकगणों के करकमलों से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह का वातावरण गौरव, आत्मीयता और सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण रहा। सम्मान समारोह के पश्चात मंडल के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। श्री रामलीला मंडल के अध्यक्ष अरविंद राजपूत ने बताया कि वर्तमान में मुख्य निर्देशक के रूप में अपनी सेवाएं देने वाले पंडित वीरेंद्र शुक्ल का कार्यकाल पूर्ण होने के उपरांत उन्होंने स्वयं आगामी कार्यकाल के लिए श्रांत चंदेल का नाम मुख्य निर्देशक पद हेतु प्रस्तावित किया। इस प्रस्ताव को समिति के पदाधिकारियों, संरक्षकगणों एवं सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया, जिसके पश्चात श्रांत चंदेल को आधिकारिक रूप से श्री रामलीला मंडल छिंदवाड़ा का नया मुख्य निर्देशक घोषित किया गया। श्रांत चंदेल का श्री रामलीला मंडल छिंदवाड़ा से जुड़ाव अत्यंत दीर्घ और समर्पणपूर्ण रहा है। उन्होंने मात्र बारह वर्ष की आयु में मंडल से जुड़कर अपनी सेवाओं की शुरुआत की थी और आज उन्हें इस संस्था से जुड़े हुए इक्कीस वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने अपने रंगमंचीय सफर की शुरुआत राजा राक्षस देवता के पात्र से की और इसके पश्चात श्रीरामलीला के अनेक महत्वपूर्ण एवं विविध चरित्रों का प्रभावी अभिनय किया। अपने अभिनय जीवन में उन्होंने अहिल्या, काल, अग्निदेव, विश्वामित्र, वशिष्ठ, देवांगना, राजा, कैकेयी, कौशल्या, मंथरा, इंद्र, मारीच, राजकुमार, सरस्वती, लंकनी, स्वरूपनखा, शबरी, भरत एवं दशरथ जैसे चुनौतीपूर्ण और वैविध्यपूर्ण पात्रों को जीवंत रूप प्रदान किया है। वर्तमान में वे दशरथ की भूमिका निभा रहे हैं, जिसमें उनका संयमित, करुण और प्रभावशाली अभिनय विशेष रूप से सराहा जा रहा है। समिति पदाधिकारियों एवं संरक्षकगणों ने विश्वास व्यक्त किया कि श्रांत चंदेल के अनुभव, बहुआयामी अभिनय क्षमता और संगठनात्मक समझ से श्री रामलीला मंडल छिंदवाड़ा की परंपरा और अधिक सशक्त होगी तथा मंडल भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखेगा। समारोह के अंत में सभी कलाकारों और सदस्यों ने नव नियुक्त मुख्य निर्देशक को शुभकामनाएं देते हुए प्रभु श्रीराम से संस्था की निरंतर प्रगति की कामना की। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ कलाकार एवं संरक्षक अधिवक्ता राजू माहोरे ने की जबकि संचालन तरुण जैन द्वारा किया गया। बैठक में संरक्षक कस्तूरचंद जैन, राजू चरणागर, सतीश दुबे लाला , व्यासपीठ प्रमुख अनिल सेठिया, विजय आनंद दुबे, विनोद विश्वकर्मा, मिथलेश भारद्वाज, अनिल ताम्रकार, पंडित नंदकिशोर शास्त्री, चंद्रभान सेंगर,सचिव राजेंद्र आचार्य, उपाध्यक्ष रोहित द्विवेदी बंटी, ट्विंकल चरणागर, कुशल शुक्ला, राहुल द्विवेदी पिंटू, शेखर शर्मा, सावन जैन कोषाध्यक्ष सुभाष साहू, ऋषभ स्थापक, श्रीकांत द्विवेदी, जितेंद्र सोनी, रजत पांडे, उत्तम सोनी, अभिषेक मुदलियार, शशांक दुबे सहित समिति के समस्त पदाधिकारी, सदस्य एवं कलाकार उपस्थित रहे।

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