परिवहन की अव्यवस्था से जूझ रहे धान खरीदी केंद्र, केंद्र प्रभारियों और किसानों की बढ़ी मुसीबतें

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बजाग ,सुनियामार,लालपुर सहित अन्य केंद्रों में नहीं हो पा रहा उठाव

खुले आसमान के नीचे रखा धान

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – बजाग विकासखंड के कई धान खरीदी केंद्रों में धान का समय पर उठाव नहीं होने से खरीदी केंद्र प्रभारी सहित किसानों की चिंता बढ़ गई है उपार्जन केंद्र बजाग, लालपुर सुनियामार, सहित कई खरीदी केंद्रों में हजारों क्विंटल धान ज्यों की त्यों पड़ी हुई है नपी तुली हुई धान की बोरिया लगातार खुले आसमान में कड़ी धूप में रखी हुई है जिससे सूख लगने के चलते केंद्र प्रभारियों को नुकसान की आशंका है केंद्र प्रभारियों की माने तो परिवहन की सही
व्यवस्था नहीं होने के कारण उठाव में लेट लतीफी की जा रही है जिससे उनकी चिंता बढ़ती जा रही है बोरियो का वजन कम होते जा रहा है और प्रशासन उनकी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है केंद्र से मिली जानकारी और अनुमानित आकंड़ों के अनुसार बजाग खरीदी केंद्र में अब तक लगभग 33 हजार क्विंटल धान खरीदी जा चुकी है जबकि उठाव लगभग 14 हजार क्विंटल मात्र हो पाया है लालपुर में 29 हजार क्विंटल खरीदी और उठाव लगभग 22 हजार,सुनियामार में 18 हजार क्विंटल खरीदी और उठाव मात्र 280 क्विंटल ही हो पाया है इसके अलावा आमाडोंगरी में भी खरीद के अनुपात में कम मात्रा में धान का परिवहन हो सका है

सभी धान खरीदी केंद्र पर इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही हैं। खरीदे गए धान का समय पर परिवहन नहीं होने के कारण हजारों बोरियां खुले मैदान में पड़ी हुई हैं। इससे धान के खराब होने की आशंका बढ़ गई है और किसानों की चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीदी केंद्र में अब तक बड़ी मात्रा में धान की खरीदी हो चुकी है, लेकिन परिवहन की रफ्तार बेहद धीमी है। केंद्र परिसर में बोरियां खुले में रखी गई हैं, जिन्हें न तो पूरी तरह ढका गया है और न ही उनके संरक्षण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मौसम में बदलाव या नमी बढ़ने की स्थिति में धान को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
धान का समय पर उठाव नहीं होने से किसानों को भुगतान मिलने में भी देरी हो रही है। नियमानुसार धान का भुगतान परिवहन और उपार्जन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद किया जाता है, लेकिन उठाव में देरी के कारण कई किसानों का पैसा अटका हुआ है। इससे किसानों में असंतोष पनप रहा है।
किसानों का कहना है कि परिवहन एजेंसी की लापरवाही के चलते यह स्थिति बनी हुई है। यदि समय रहते धान का उठाव नहीं किया गया, तो नुकसान की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाएगी। वहीं खरीदी केंद्र के अधिकारी भी संभावित नुकसान को लेकर चिंता जता रहे हैं।
किसानों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराकर धान का परिवहन कराया जाए, ताकि धान सुरक्षित रहे और किसानों शीघ्र भुगतान मिल सके।

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