कागज पर अर्जी, बजरंगबली की मर्जी: छिंदवाड़ा का वो अद्भुत मंदिर, जहाँ चिट्ठियों से दूर होते हैं कष्ट

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रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा|आज के डिजिटल युग में जहाँ लोग अपनी बात कहने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं, वहीं मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक ऐसा दरबार है, जहाँ भक्त अपनी परेशानियाँ कागज की पर्ची पर लिखकर भगवान को सौंपते हैं। हम बात कर रहे हैं चार फाटक स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर की, जहाँ बजरंगबली न केवल भक्तों की अर्जी सुनते हैं, बल्कि उनका बाकायदा ‘निराकरण’ भी करते हैं।

*अर्जी का अनोखा दरबार*
छिंदवाड़ा के चार फाटक क्षेत्र में स्थित यह मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है। यहाँ की सबसे खास परंपरा है ‘अर्जी लगाना’। भक्त अपनी समस्या, चाहे वह पारिवारिक हो, आर्थिक हो या स्वास्थ्य से जुड़ी, उसे एक कागज की पर्ची पर लिखते हैं और पवनपुत्र के चरणों में समर्पित कर देते हैं। मान्यता है कि यहाँ कोई भी अर्जी अनसुनी नहीं रहती।

​*नारियल के तोरण से सजा मंदिर*
इस मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है। यहाँ मन्नत पूरी होने पर हजारों की संख्या में नारियल चढ़ाए जाते हैं। मंदिर प्रशासन इन नारियल को हटाने के बजाय, पूरे मंदिर परिसर में इनके तोरण (मालाएं) बनाकर सजा देता है, जो यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होता है।

​*शनिवार को उमड़ता है जनसैलाब*
यूँ तो यहाँ हर दिन भीड़ रहती है, लेकिन शनिवार के दिन नज़ारा कुछ अलग ही होता है। सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहता है। दूर-दूर से आए श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी अर्जी लगाते हैं और संकटमोचन से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
​ *भक्तों का विश्वास*
​”यहाँ आकर मन को जो शांति मिलती है, वो अद्भुत है। हमने सुना था कि यहाँ अर्जी लगाने से काम बन जाते हैं, और आज हमारा अटूट विश्वास है कि हनुमान जी स्वयं हमारी चिट्ठी पढ़ते हैं।” — एक श्रद्धालु

अगर आप भी अपनी किसी परेशानी का हल ढूंढ रहे हैं, तो छिंदवाड़ा के इस दरबार में हाजिरी लगाना न भूलें। यहाँ कागजों पर लिखी इबारत, भक्तों की तकदीर बदल देती है।

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