कान्हा से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (नौरादेही) हेतु नर बाघ रवाना

15

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला, वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत कान्हा टाइगर रिज़र्व से एक नर बाघ को आज दिनांक 18-01-2026 को सुरक्षित रूप से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (नौरादेही) के लिए रवाना कर दिया गया है।

उक्त नर बाघ को पेंच टाइगर रिजर्व के रूखड़ परिक्षेत्र, सिवनी से रेस्क्यू किया गया था। उस समय बाघ शावक की उम्र लगभग 4 से 5 माह थी। इसके पश्चात बाघ को कान्हा टाइगर रिज़र्व के मुक्की स्थित घोरेला रिवाइल्डिंग बाड़ा में पालन-पोषण कर प्राकृतिक शिकार एवं स्वतंत्र विचरण हेतु प्रशिक्षित किया गया। वर्तमान में बाघ की उम्र लगभग 33 से 35 माह है तथा वह पूर्णतः स्वस्थ एवं जंगल में स्वतंत्र जीवन के लिए सक्षम पाया गया है।

विशेषज्ञ परामर्श के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि बाघ को ऐसे संरक्षित क्षेत्र में छोड़ा जाए जहाँ बाघों का घनत्व कम हो और पर्याप्त आवास उपलब्ध हो।

इस बाघ को वन्यप्राणी चिकित्सकों एवं वैज्ञानिकों द्वारा निश्चेत कर उसके शरीर के आवश्यक जैविक मापदंडों को विधिवत रूप से अभिलेखित किया गया। तत्पश्चात वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 11(1)(ए) के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त कर, विशेषज्ञों की सतत निगरानी में तथा निर्धारित मानक प्रोटोकॉल के अनुरूप बाघ को सेटेलाईट रेडियों कॉलर पहनाकर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (नौरादेही) में सुरक्षित स्थानांतरण किया गया। उक्त टाइगर रिज़र्व में बाघ के दीर्घकालीन संरक्षण हेतु प्राकृतिक एवं अनुकूल आवास उपलब्ध है, जिससे वह स्वाभाविक रूप से स्वतंत्र विचरण कर सके।

यह सम्पूर्ण कार्यवाही रवीन्द्र मणि त्रिपाठी, भा.व.से., क्षेत्र संचालक, कान्हा टायगर रिजर्व के मार्गदर्शन में सम्पन्न की गई। इस पूरे स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान पुनीत गोयल, भा.व.से., उप संचालक (कोर), सुश्री अमीथा के.बी, भा.व.से., उप संचालक (बफर), डॉ. संदीप अग्रवाल, वन्यप्राणी चिकित्सक, कान्हा टाइगर रिजर्व, अजिंक्य देशमुख, फील्ड बायोलॉजिस्ट, डॉ. अनिरूद्ध मजूमदार, राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर, रोहन देसाई, भारतीय वन्यजीव संस्थान, अन्य विशेषज्ञ दल तथा अन्य अधिकारी/ कर्मचारीगण उपलब्ध रहें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.