खंभों पर विज्ञापन, सड़कों पर खतरा मंडला में अवैध फ्लेक्स-बैनरों से जान जोखिम में, प्रशासन मूकदर्शक आख़िर क्यो निभा रहा है प्रशासन इन से संबध
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला।मंडला नगर में नगर पालिका और विद्युत विभाग की लापरवाही अब आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। शहर की सड़कों के किनारे लगे बिजली के खंभे, पेड़, शासकीय भवन और सार्वजनिक स्थल अवैध विज्ञापनों के अड्डे बन चुके हैं। बिना अनुमति लगाए गए फ्लेक्स, बैनर और पोस्टर न सिर्फ शहर की छवि को बिगाड़ रहे हैं, बल्कि हर गुजरते दिन के साथ एक बड़े हादसे की आशंका को भी बढ़ा रहे हैं।
तेज हवा या बारिश के दौरान ये भारी फ्लेक्स अचानक गिर जाते हैं, जिससे पैदल चलने वालों, दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों के घायल होने का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
व्यापारियों को खुली छूट, जनता असुरक्षित
शहर के कई दुकानदार और व्यवसायी बिजली के खंभों व पेड़ों को निजी प्रचार का माध्यम बना चुके हैं। न तो किसी प्रकार की अनुमति ली जा रही है और न ही कोई शुल्क दिया जा रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या यह सब नगर पालिका और विद्युत विभाग की नजरों से छिपा हुआ है या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?
हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
पहले से ही मंडला की संकरी सड़कों पर अव्यवस्थित यातायात और अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। ऊपर से सड़कों के किनारे लटकते फ्लेक्स और बैनर वाहन चालकों का ध्यान भटकाते हैं, जिससे संतुलन बिगड़ने और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद न तो अवैध बैनर हटाए जाते हैं और न ही नियम तोड़ने वालों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई होती है। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासन किसी गंभीर घटना के बाद ही हरकत में आने की मानसिकता अपनाए हुए है।
जिम्मेदारी तय क्यों नहीं?
नगर पालिका और विद्युत विभाग दोनों ही इस गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदारी लेने से बचते नजर आ रहे हैं। नियमों का खुलेआम उल्लंघन करने वाले दुकानदार बेखौफ हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि प्रशासन की चुप्पी ही उनका सबसे बड़ा संरक्षण है।
जनहित में तत्काल कार्रवाई जरूरी
यदि समय रहते इन अवैध फ्लेक्स, बैनरों और पोस्टरों को नहीं हटाया गया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। जनहित में आवश्यक है कि नगर पालिका और विद्युत विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध विज्ञापनों को हटाएं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंड लगाए।
अब सवाल जनता पूछ रही है—
क्या मंडला की सड़कें सुरक्षित हैं?
क्या प्रशासन किसी अनहोनी के बाद ही जागेगा?
यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही मंडला शहर के लिए भारी कीमत साबित हो सकती है।