पुलिस के चेकिंग अभियान की पोल खोलती तस्वीर
कहीं हेलमेट पर सख़्ती, कहीं मौत का खुला न्योता
कलेक्टर–एसपी मैदान में, पर घुघरी में आदेश हवा में
रेवांचल टाइम्स | मंडला
मंडला जिले में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों को लेकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक स्वयं मैदान में उतरकर सघन चेकिंग अभियान चला रहे हैं। मुख्यालय से लेकर थानों तक “जीवन अमूल्य है” का संदेश दिया जा रहा है, हेलमेट और सीट बेल्ट को आदत में लाने के लिए चालानी कार्रवाई हो रही है।
लेकिन इसी अभियान की सच्चाई तहसील मुख्यालय घुघरी में पहुंचते ही दम तोड़ देती है।
यहाँ नियम-कानून और कलेक्टर के आदेश खुलेआम रौंदे जा रहे हैं।
हेलमेट पकड़ा, ओवरलोड छोड़ा!
पुलिस की चेकिंग का हाल यह है कि मोटरसाइकिल चालकों के हेलमेट न पहनने पर तो सख़्ती दिखाई जा रही है, लेकिन ऑटो, बोलेरो, ट्रैक्स जैसे वाहन अंदर, बाहर और छत तक सवारियों से भरे हुए थानों के सामने से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं—और किसी की नजर नहीं पड़ती।
क्या यही है सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने का अभियान?
ओवरलोडिंग = सीधा मौत का सौदा
घुघरी क्षेत्र में क्षमता से कहीं अधिक सवारियाँ बैठाकर वाहन बेखौफ दौड़ रहे हैं।
दुर्घटना की स्थिति में वाहन के अंदर बैठे लोग तो घायल होंगे ही, छत पर बैठे लोगों के बचने की संभावना लगभग शून्य होती है।
फिर भी न कार्रवाई, न रोक-टोक।
आदेश ऊपर से, अनदेखी नीचे?
एक ओर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सघन चेकिंग अभियान चलाकर आमजन को सुरक्षा का पाठ पढ़ा रहा है, दूसरी ओर घुघरी में वही पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।
सवाल उठता है—
क्या कलेक्टर और एसपी के आदेश सिर्फ मुख्यालय तक सीमित हैं?
या फिर तहसील स्तर पर इन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत ही नहीं समझी जाती?
जनसंख्या कम करने अभियान?
स्थानीय लोगों में व्यंग्यात्मक चर्चा है कि
“थानों में चेकिंग नहीं, जनसंख्या कम करने का अभियान चल रहा है।”
क्योंकि जब ओवरलोड वाहनों को खुली छूट दी जाएगी, तो हादसे और मौतें कैसे रुकेंगी?
अपनी जान, खुद के हाथ में?
हकीकत यह भी है कि कई लोग स्वयं अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं।
दूर-दराज के इलाकों में लोग ओवरलोड वाहनों में सफर करने को मजबूर हैं—या लापरवाह।
लेकिन सवाल फिर वही है—
जब प्रशासन की आंखों के सामने नियम टूट रहे हों, तो जिम्मेदारी किसकी है?
अब जरूरत सिर्फ चालान काटने की नहीं,
बराबरी और ईमानदार कार्रवाई की है।
वरना चेकिंग अभियान कागज़ों में सफल और सड़कों पर असफल ही रहेगा।