इकोकार्डियोग्राफी से हृदय रोगों की समय पर पहचान संभव — विशेषज्ञों ने दी जागरूक रहने की सलाह
दैनिक रेवांचल टाइम्स जबलपुर। हृदय रोगों की बढ़ती समस्या को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों से समय रहते जांच कराने और हृदय स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की है। गोल्डन हार्ट हॉस्पिटल से जुड़े वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पराज पटेल ने बताया कि इकोकार्डियोग्राफी हृदय रोगों की पहचान के लिए डॉक्टर की आंखों की तरह कार्य करती है। इस जांच के माध्यम से हृदय की गति, मांसपेशियों की स्थिति, वाल्व की कार्यप्रणाली तथा रक्त प्रवाह से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि आजकल अनेक लोग सामान्य रूप से स्वस्थ दिखाई देते हैं, परंतु उनके हृदय में छिपी समस्या का पता केवल उचित जांच से ही चल पाता है। कई बार मामूली से लक्षण, जैसे हल्की थकान या सांस फूलना, गंभीर हृदय रोग का संकेत हो सकते हैं। यदि समय रहते जांच न कराई जाए तो रोग आगे चलकर जटिल रूप ले सकता है।
डॉ. पटेल के अनुसार बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान, व्यायाम की कमी और बढ़ते प्रदूषण के कारण युवाओं में भी हृदय रोगों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। पहले जो बीमारियां अधिक उम्र में देखने को मिलती थीं, अब वे कम उम्र के लोगों में भी सामने आ रही हैं। इसलिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और हृदय संबंधी जांच अत्यंत आवश्यक है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अब हृदय की कई जटिल बीमारियों का सफल उपचार संभव है, बशर्ते रोग का पता प्रारंभिक अवस्था में चल जाए। लोगों को छाती में दर्द, धड़कन तेज होना, चक्कर आना, अत्यधिक पसीना आना या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
गोल्डन हार्ट हॉस्पिटल के चिकित्सकों की टीम द्वारा हृदय रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से परामर्श और जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विशेषज्ञों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने हृदय स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें, ताकि गंभीर स्थिति से बचा जा सके।